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सुप्रीम कोर्ट ने सिवनी हवाला लूटकांड की मुख्य आरोपी SDOP पूजा पांडे को दी जमानत, दो साल के बच्चे को माना आधार

Written by:Shruty Kushwaha
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अदालत ने जमानत देते समय महिला होने, एकल मां होने और दो साल के बच्चे के जेल में साथ रहने को महत्वपूर्ण आधार माना। मामले में लगभग 3 करोड़ रुपए की हवाला रकम की लूट और पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के आरोपों की जांच जारी है।
सुप्रीम कोर्ट ने सिवनी हवाला लूटकांड की मुख्य आरोपी SDOP पूजा पांडे को दी जमानत, दो साल के बच्चे को माना आधार

Supreme Court

मध्यप्रदेश के चर्चित सिवनी हवाला लूटकांड में मुख्य आरोपी निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने सोमवार को उन्हें जमानत दे दी है। अदालत ने सुनवाई के दौरान इस बात को महत्वपूर्ण माना कि आरोपी महिला एकल मां है और उसका दो साल का बच्चा जेल में उसके साथ रह रहा है।

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में यह दलील दी गई कि पूजा पांडे के फरार होने की आशंका नहीं है। इसी के साथ अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि वह लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत देने का आदेश दिया। हालांकि, ट्रायल कोर्ट में मामले की सुनवाई पहले की तरह जारी रहेगी।

SC ने पूजा पांडे को दी ज़मानत 

सुप्रीम कोर्ट ने सिवनी हवाला लूटकांड की मुख्य आरोपी पूजा पांडे की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। अदालत ने सुनवाई के दौरान उनके दो वर्षीय बच्चे की स्थिति को अहम आधार माना। कोर्ट के समक्ष पक्ष रखा गया कि पूजा पांडे  सिंगल मदर हैं और उनका छोटा बच्चा जेल में उनके साथ रह रहा है। कोर्ट ने इसे मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानते हुए जमानत मंजूर कर ली। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी के जांच या सुनवाई से बचने की संभावना नहीं है। हालांकि, जमानत मिलने के बावजूद उनके खिलाफ दर्ज मामला खत्म नहीं हुआ है। हवाला लूट प्रकरण की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगी और जांच प्रक्रिया भी कानून के मुताबिक आगे बढ़ेगी।

ये है मामला

यह मामला सिवनी जिले के खैरीटेक इलाके का है। आरोप है कि करीब 3 करोड़ रुपए की हवाला रकम को पुलिस कार्रवाई के नाम पर रोका गया और बाद में उसी रकम की कथित लूट की साजिश रची गई। जांच एजेंसियों के अनुसार पूरी वारदात बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई थी। बताया गया कि कुछ लोगों के पास बड़ी नकद राशि होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम सक्रिय हुई। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान पुलिस वर्दी, सरकारी वाहन और हथियारों का इस्तेमाल करते हुए रकम को कब्जे में लिया गया, लेकिन बाद में रकम को वैधानिक प्रक्रिया में दर्ज करने के बजाय उसे आपस में बांटने की साजिश रची गई।

मामले की जांच आगे बढ़ी तो संदेह सीधे पुलिस विभाग के भीतर तक पहुंच गया। जांच एजेंसियों ने इस प्रकरण में तत्कालीन एसडीओपी पूजा पांडे समेत कई पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया। आरोप है कि पूरी कार्रवाई को आधिकारिक छापेमारी जैसा दिखाकर हवाला से जुड़ी रकम हड़पी गई थी। घटना सामने आने के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मच गया था क्योंकि आरोप सीधे पुलिस अधिकारियों पर लगे थे। इसके बाद मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू हुई और कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

इस केस में शामिल अधिकांश आरोपियों को पहले ही जबलपुर हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। वहीं, दो आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर भी निरस्त की जा चुकी हैं। लेकिन मुख्य आरोपी पूजा पांडे और एसआई अर्पित भैरम को अब तक राहत नहीं मिली थी। इसके बाद पूजा पांडे ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी महिला है, एकल मां है और उसका छोटा बच्चा जेल में उसके साथ रह रहा है। अदालत ने इसी मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए जमानत मंजूर की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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