इंदौर में गहराते जलसंकट को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार, नगर निगम प्रशासन और महापौर पर हमला बोला है। उन्होंने इंदौर-5 से बीजेपी विधायक महेंद्र हार्डिया के बयान का हवाला देते हुए कहा कि अब जनता ही नहीं, बल्कि सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधि भी शहर की बदहाल जल व्यवस्था से नाराज हैं।
उन्होंने कहा कि विधायक महेंद्र हार्डिया ने जिस साहस के साथ जलसंकट की सच्चाई स्वीकार की है, उससे बीजेपी को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इंदौर जैसे शहर में लोग पानी के लिए परेशान हैं, टंकियां आधी भर रही हैं और कई इलाकों में दिनों तक सप्लाई नहीं हो रही, लेकिन सरकार समाधान देने में विफल साबित हो रही है।
इंदौर में बीजेपी विधायक ने जलसंकट पर जताई नाराजगी
हाल ही में इंदौर के वार्ड 41 में एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी विधायक महेंद्र हार्डिया ने खुले मंच से जलसंकट पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि अपने 20 साल के राजनीतिक जीवन में उन्होंने पानी को लेकर इतनी खराब स्थिति कभी नहीं देखी। विधायक ने यह भी कहा था कि यदि वे जनता की जगह होते तो रोज महापौर के घर जाकर बैठते। इसी बीच शहर के वार्ड 37 में भी पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज रहवासियों ने जलकार्य विभाग के अधिकारियों को घेरकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई क्षेत्रों में तीन-तीन दिन तक पानी नहीं पहुंच रहा, जबकि शिकायतों के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा।
जीतू पटवारी ने ने सरकार को घेरा
इस घटना को लेकर जीतू पटवारी ने इंदौर के महापौर पर निशाना साधते हुए उन्हें “मजबूरी का महापौर” बताया और आरोप लगाया कि शहर की जल व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा कि देश की पहली “वॉटर प्लस सिटी” कहलाने वाले इंदौर की स्थिति आज ऐसी हो गई है कि लोग टैंकरों और पानी की लाइनों पर निर्भर हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इंदौर के प्रभारी मंत्री होने के बावजूद मुख्यमंत्री शहर की सबसे बड़ी समस्या पर गंभीर नजर नहीं आ रहे। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार जनता की परेशानियों से दूर हो चुकी है और जिम्मेदार लोग जवाबदेही से बच रहे हैं।






