उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में संभल मामले की न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पेश की जाएगी। इसके साथ ही, नई निर्यात नीति-2030 को मंजूरी दी जाएगी, जिसमें प्रदेश के निर्यातकों और कारोबारियों के लिए विशेष रियायतें शामिल होंगी। यह नीति अगले पांच वर्षों के लिए प्रभावी होगी और व्यापार को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी।
कैबिनेट बैठक में पैतृक संपत्ति के बंटवारे के लिए रजिस्ट्री शुल्क को केवल पांच हजार रुपये करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके अलावा, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनके शोषण को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन को स्वीकृति दी जाएगी। यह कदम कर्मचारियों के कल्याण और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा
नगर विकास विभाग के तहत कानपुर और लखनऊ के लिए 100-100 ई-बसों की खरीद को मंजूरी दी जाएगी, जो पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत विभिन्न कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। स्टांप विभाग को सरकारी विभाग घोषित करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष पारित किया जाएगा।
महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय
बैठक में उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025 और शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य विधि आयोग के कार्यकाल और इसके वर्तमान अध्यक्ष की सेवा शर्तों को मंजूरी दी जाएगी। यह बैठक उत्तर प्रदेश के विकास और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कई अहम कदम उठाने का मंच साबित होगी।





