
रायबरेली में सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दो दिवसीय दौरे के दौरान सियासी माहौल गरमाया रहा। योगी सरकार के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने बुधवार को लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर राहुल गांधी का काफिला रोककर प्रदर्शन किया। लेकिन अगले दिन दिशा समिति की बैठक में उनके बेटे और हरचंदपुर ब्लॉक प्रमुख पीयूष प्रताप सिंह राहुल से हंसते हुए हाथ मिलाते दिखे। इस दौरान खुद दिनेश प्रताप सिंह भी मुस्कुराते नजर आए, जिसने सियासी चर्चाओं को जन्म दिया।
गुरुवार को कलेक्ट्रेट के बचत भवन सभागार में आयोजित दिशा समिति की बैठक में राहुल गांधी ने अध्यक्षता की। बैठक शुरू होते ही ऊंचाहार विधायक मनोज पांडे ने प्रधानमंत्री की मां के खिलाफ कथित अपशब्दों की निंदा का प्रस्ताव रखा, जिसे अस्वीकार किए जाने पर उन्होंने बैठक का बहिष्कार कर दिया। इस दौरान दिनेश प्रताप सिंह ने जिले के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए, जैसे टूटी पुलों की रेलिंग की मरम्मत और छतोह के धरई भुआल गांव में एएनएम सेंटर की स्थिति। उन्होंने नियमों के पालन पर जोर देते हुए जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया।
चेहरों पर हंसी और माहौल हल्का
बैठक के बाद राहुल गांधी के लिए चाय लाई गई। इस बीच दिनेश प्रताप सिंह ने मजाक में कहा कि अध्यक्ष अकेले चाय पी रहे हैं, जिस पर राहुल ने तुरंत उनके लिए दो कप चाय मंगवाने को कहा। एक सदस्य के तेज आवाज में सवाल उठाने पर सभी के चेहरों पर हंसी छा गई, जिसने माहौल को हल्का किया। बैठक में सांसद किशोरी लाल शर्मा, विधायक अतिथि सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, राहुल लोधी और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे, जहां जिले के विकास कार्यों पर तीन घंटे तक चर्चा हुई।
विरोध के बाद सकारात्मक संदेश
राहुल गांधी ने दौरे के दौरान एनटीपीसी ऊंचाहार के गेस्ट हाउस में डॉक्टरों, अधिवक्ताओं और शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इससे पहले दिनेश प्रताप सिंह ने काफिला रोककर प्रधानमंत्री की मां के कथित अपमान के खिलाफ प्रदर्शन किया था। फिर भी, दिशा बैठक में उनके बेटे की राहुल से मुलाकात और सौहार्दपूर्ण माहौल ने विरोध के बाद सकारात्मक संदेश दिया।
