उत्तराखंड के लोगों के लिए मंगलवार का दिन एक बड़ी सौगात लेकर आया। बीते 19 सालों से जिस पुल का सपना देखा जा रहा था, वह अब हकीकत बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिंगटाली पुल के निर्माण के लिए 57 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। यह पुल कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। पुल बनते ही देहरादून से नैनीताल (रामनगर) की दूरी 45 किलोमीटर कम हो जाएगी।

गढवाल-कुमाऊं के बीच आवागमन और व्यापार को रफ्तार देने वाला यह पुल अब तक सिर्फ फाइलों में उलझा था, लेकिन अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

सिंगटाली पुल: जोड़ेगा दिलों को और रास्तों को

सिंगटाली पुल गंगा नदी पर बनेगा और यह कौडियाला से व्यासघाट मोटर मार्ग का हिस्सा होगा। पुल की कुल लंबाई 150 मीटर होगी। इसके बनने से देहरादून और रामनगर (नैनीताल) के बीच सीधा और कम दूरी वाला मार्ग तैयार होगा, जिससे यात्रियों का समय और खर्च दोनों कम होगा।

यह पुल सिर्फ दूरी ही नहीं घटाएगा, बल्कि पर्यटन, स्थानीय रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी खोलेगा।

इतिहास: 2006 में मिला था मंजूरी, अब शुरू होगा निर्माण

सिंगटाली पुल की कहानी साल 2006 में शुरू हुई थी। उस समय एन.डी. तिवारी की सरकार ने इस पुल के निर्माण को मंजूरी दी थी। फिर 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी ने भूमि पूजन किया था। लेकिन इसके बाद यह प्रोजेक्ट कागजों में ही अटक गया।

अब जाकर मुख्यमंत्री धामी की सरकार ने इस पुराने प्रोजेक्ट को नई जान दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आदेश जारी कर दिए हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

कितना आएगा खर्च और क्या होगा फायदा?

पुल की कुल लागत 57.05 करोड़ रुपये तय की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी व्यय वित्त समिति ने इस राशि को स्वीकृति दे दी है। इस पुल से:

  • देहरादून से नैनीताल (रामनगर) की दूरी 45 किमी घटेगी
  • यात्रियों को यात्रा में 1-1.5 घंटे तक की बचत होगी
  • पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
  • स्थानीय लोगों को मिलेगा बेहतर संपर्क और रोजगार

अब देर नहीं, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

PWD के प्रमुख अभियंता ने बताया कि विधिवत आदेश जारी कर दिए गए हैं और अब निर्माण कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है।

अब क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से जिस सड़क संपर्क का इंतजार था, वह जल्द ही हकीकत बन जाएगा। सरकार की मंशा है कि इस पुल को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।