छत्तीसगढ़ प्रवास से देहरादून लौटने के उपरांत, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिना किसी विलंब के, सीधे बसंत विहार स्थित पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के आवास की ओर प्रस्थान किया। वहां पहुंचकर उन्होंने मां भारती और देवभूमि उत्तराखंड की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले इस महान व्यक्तित्व को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें विनम्रतापूर्वक नमन किया, जो उनके प्रति गहरे आदर और सम्मान का प्रतीक था।
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री धामी ने स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के अद्वितीय एवं प्रेरणादायी जीवन को नमन करते हुए कहा कि उनका सम्पूर्ण जीवन, भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवाओं से लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक क्षेत्र तक, अनुशासन, राष्ट्रसेवा, अटूट ईमानदारी और जन-कल्याण के शाश्वत मूल्यों का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करता रहा है। उन्होंने अपने प्रत्येक दायित्व का निर्वहन अत्यंत निष्ठा, समर्पण और सर्वोच्च आदर्शों के साथ किया, जिससे वे लाखों लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत बने रहे। भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद पर रहते हुए उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा की और सेवानिवृत्ति के पश्चात राजनीति के माध्यम से जनसेवा का मार्ग अपनाया, जहां उन्होंने उच्च नैतिक मूल्यों की स्थापना की।

स्वर्गीय खंडूरी का योगदान उत्तराखंड के विकास में अविस्मरणीय: सीएम धामी
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के नव-निर्माण और प्रगति पथ पर अग्रसर करने में स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने राज्य को सुशासन, पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याणकारी नीतियों का एक मजबूत आधार प्रदान किया। उनके द्वारा स्थापित आदर्शों पर चलकर ही आज उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अपने गरिमामयी कार्यकाल के दौरान, मेजर जनरल खंडूरी ने जनहित को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने उत्तराखंड के भविष्य को संवारने के लिए अनेक ऐसे दूरदर्शी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनकी सकारात्मकता और लाभ आज भी प्रदेश के कोने-कोने में रहने वाले प्रत्येक प्रदेशवासी को स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। उनके द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों ने राज्य के सर्वांगीण विकास की नींव रखी और एक मजबूत प्रशासनिक ढाँचा खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सीएम धामी ने परिजनों से मिलकर जताई संवेदना
इस हृदय विदारक क्षण में, मुख्यमंत्री धामी ने स्वर्गीय खंडूरी की सुपुत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी सहित उनके अन्य शोक संतप्त परिजनों से भी भेंट की। उन्होंने परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए, इस असहनीय दुःख की घड़ी में उन्हें धैर्य और मानसिक संबल प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने परिजनों को सांत्वना देते हुए विश्वास दिलाया कि पूरा प्रदेश इस दुःख में उनके साथ खड़ा है और स्वर्गीय खंडूरी जी की विरासत को सदैव याद रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि यह क्षति केवल खंडूरी परिवार तक ही सीमित नहीं है, अपितु यह पूरे उत्तराखंड राज्य और संपूर्ण राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय और व्यक्तिगत क्षति है। उत्तराखंड ने एक अनुशासित सैनिक, एक कुशल प्रशासक और एक जनप्रिय नेता को खो दिया है, जिसकी भरपाई करना अत्यंत कठिन होगा। उन्होंने मेजर जनरल खंडूरी के त्याग, तपस्या और जनसेवा के प्रति उनके आजीवन समर्पण को याद किया। मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में शाश्वत स्थान प्रदान करें तथा इस असहनीय दुःख से गुजर रहे समस्त शोकाकुल परिवारजनों और उनके अनगिनत समर्थकों को यह वज्रपात सहन करने की असीम शक्ति और धैर्य प्रदान करें।
इस अत्यंत गंभीर और भावुक अवसर पर, माननीय जनप्रतिनिधियों, राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों सहित खंडूरी जी के हजारों समर्थकों की उपस्थिति ने उनकी लोकप्रियता और जन-स्वीकार्यता को प्रमाणित किया। सभी ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।






