बसंत पंचमी सनातन धर्म का एक प्रमुख त्योहार है जो हर साल माघ महीने में मनाया जाता है। इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। साल 2026 में बसंत पंचमी का पर्व शुक्रवार, 23 जनवरी को मनाया जाएगा। बसंत पंचमी को लेकर स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में खास तैयारियां होती हैं जहां पर धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इस बीच, उत्तराखंड में भी बसंत पंचमी को धूमधाम से मनाने की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। राज्य के कई जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने दी बसंत पंचमी की शुभकामनाएं
इस बीच, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर कर प्रदेशवासियों को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दी हैं। त्योहार के एक दिन पहले जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि बसंतोत्सव एक ऐसा उत्सव है जो प्रकृति को सजाता है और जीवन में नई ऊर्जा भरता है। यह दिन ज्ञान, संगीत और कला की देवी देवी सरस्वती को भी समर्पित है। यह त्योहार हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बचाने और समाज में ज्ञान, संगीत और कला को बढ़ावा देने का मौका देता है।
उन्होंने आगे कहा कि बसंत पंचमी का मौका हमें प्रकृति की रक्षा और संरक्षण के लिए भी प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताते हुए कहा कि बसंतोत्सव का यह पावन त्योहार सभी के जीवन में नया उत्साह, ऊर्जा और खुशियां लाएगा।
बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी या श्री पंचमी के दिन माता सरस्वती का अवतरण हुआ था। इसीलिए हर वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्माजी ने जब संसार का भ्रमण करते हुए यह महसूस किया कि हर दिशा मूक है, हर जगह खामोशी छाई हुए है तो उन्होंने अपने कमंडल से जल निकालकर छिड़का। इसके बाद एक ज्योतिपुंज से एक देवी का प्राकाट्य हुआ जिनका चेहरा तेजस्वी था और हाथों में वीणा थी, इस देवी का नाम ब्रह्माजी ने सरस्वती दिया।
बसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती प्रकट हुई थी इसलिए आज भी माघ शुक्ल पंचमी के दिन उनकी पूजा की जाती है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा करने से भक्तों को ज्ञान और विवेक की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही जो लोग गायन, वादन, अभिनय आदि के क्षेत्र में हैं उनको भी मां सरस्वती की पूजा करने से लाभ प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति भी मां सरस्वती की पूजा करने से होती है। यह पर्व भारत, नेपाल और पश्चिमोत्तर बांग्लादेश में धूमधाम से मनाया जाता है।
Uttarakhand Chief Minister’s Office says – Chief Minister Pushkar Singh Dhami extended greetings and best wishes to the people of the state on the occasion of Basant Panchami. In his message issued on the eve of the festival, the Chief Minister said that Basantotsav is a…
— ANI (@ANI) January 22, 2026





