उत्तराखंड (Uttarakhand) के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने 3 जनवरी 2026 (शनिवार) को देहरादून (Dehradun) में गढ़ीकैंट स्थित राजकीय उद्यान सर्किट हाउस में ‘उत्तराखंड माल्टा महोत्सव’ का शुभारंभ किया। इस महोत्सव में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए किसान, व्यापारी और पर्यटक एकत्रित हुए जिन्होंने राज्य में उगाए गए माल्टा की गुणवत्ता और स्वाद का लुत्फ उठाया। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य माल्टा उत्पादन को बढ़ावा देना और राज्य के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करना था।
महोत्सव के शुभारंभ के दौरान पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में माल्टा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली में भी राज्य की ओर से माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा।
‘उत्तराखण्ड माल्टा महोत्सव’ का शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि देहरादून में ‘उत्तराखण्ड माल्टा महोत्सव’ का शुभारंभ किया। माल्टा न केवल एक पारंपरिक फल है, बल्कि उत्तराखण्ड की जलवायु, मिट्टी और पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ एक विशिष्ट उत्पाद भी है। विटामिन-सी से भरपूर, सुगंधित और स्वाद में विशिष्ट उत्तराखण्ड का माल्टा आज देशभर में अपनी गुणवत्ता के लिए पहचाना जा रहा है।
एप्पल और कीवी मिशन की तर्ज पर शीघ्र ही प्रदेश में माल्टा मिशन की भी शुरुआत की जाएगी, जिससे उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को नई गति मिलेगी। हमारा प्रयास प्रदेश में नींबू वर्गीय फसलों को प्रोत्साहन देकर किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आधुनिक कृषि से जोड़ना है। इस प्रकार के महोत्सव न केवल स्थानीय उत्पाद को बेहतर बाजार उपलब्ध कराते हैं, बल्कि बागवानों को भी नवाचार, ब्रांडिंग और विपणन के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
आधुनिक खेती और बागवानी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। खेती व बागवानी के क्षेत्र में समुचित प्रोत्साहन, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाई जा रही है। यह पहल पलायन रोकने और युवाओं को अपने गांव के पास ही रोजगार देने में गेम चेंजर साबित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय विशिष्टताओं के अनुरूप उपयुक्त खेती और बागवानी को प्रोत्साहित कर रही है।
माल्टा-गलगल को MSP, बागवानी को व्यापक प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में माल्टा, सेब, नाशपाती, कीवी, अखरोट, आड़ू और नींबू वर्गीय फलों के बागान स्थापित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। फसल आधारित क्लस्टर विकसित कर उत्पादन और विपणन को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में माल्टा व गलगल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है।
सरकार द्वारा बागान लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान, सूक्ष्म सिंचाई पर 70 से 80 प्रतिशत अनुदान तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। सेलाकुई में सुगंधित पौधों के लिए स्थापित केंद्र का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि महक क्रांति की शुरूआत कर राज्य में सुगंधित पौधों की खेती को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण पहल की गई है।
देहरादून में ‘उत्तराखण्ड माल्टा महोत्सव’ का शुभारंभ किया। माल्टा न केवल एक पारंपरिक फल है, बल्कि उत्तराखण्ड की जलवायु, मिट्टी और पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ एक विशिष्ट उत्पाद भी है। विटामिन-सी से भरपूर, सुगंधित और स्वाद में विशिष्ट उत्तराखण्ड का माल्टा आज देशभर में अपनी गुणवत्ता… pic.twitter.com/vMRHRq6ROw
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) January 3, 2026





