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मुख्यमंत्री धामी ने ‘हिमाद्रि आइस रिंक’ की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में की शिरकत, ‘पे व प्ले’ पोर्टल और नई जर्सी का किया विमोचन

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ में प्रतिभाग किया, जहां उन्होंने खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने और राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री धामी ने ‘हिमाद्रि आइस रिंक’ की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में की शिरकत, ‘पे व प्ले’ पोर्टल और नई जर्सी का किया विमोचन

उत्तराखंड में खेल सुविधाओं को नई ऊंचाइयां देते हुए, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर के हिमाद्रि आइस रिंक के जीर्णोद्धार की प्रथम वर्षगांठ का कार्यक्रम उत्साह के साथ मनाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए आइस रिंक की पहली वर्षगांठ की शुभकामनाएं दीं, साथ ही उन्होंने उत्तराखंड हॉकी आइस टीम की नई जर्सी और ‘पे व प्ले’ पोर्टल का भी विमोचन किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक “हिमाद्रि” केवल उत्तराखंड के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है, जो यहां के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने विस्तार से बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित इस अत्याधुनिक आइस रिंक में सर्वप्रथम साउथ एशियन विंटर गेम्स का सफल आयोजन किया गया था, लेकिन बाद के वर्षों में विभिन्न कारणों से इसका सुचारु संचालन एवं रखरखाव नहीं हो पाने के कारण इसे दुर्भाग्यवश बंद करना पड़ा था।

8.5 करोड़ की लागत से हुआ जीर्णोद्धार

मुख्यमंत्री ने दृढ़ता से कहा कि आइस रिंक की बदहाल स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे पुनः संचालित करने का संकल्प लिया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से पिछले वर्ष इसी दिन इसका जीर्णोद्धार किया गया और इसे एक बार फिर खिलाड़ियों तथा खेल प्रेमियों को समर्पित कर दिया गया। इसके संचालन को और अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट भी स्थापित किया गया है, जिससे हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार के सामूहिक और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज यह आइस रिंक एक बार फिर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं के आयोजन का प्रमुख केंद्र बन रही है। बीते एक वर्ष के दौरान यहां नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी, राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग तथा महिला एवं बालक वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के प्रशिक्षण शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया है, साथ ही वर्तमान में विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी यहां स्केटिंग एवं आइस हॉकी का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि भारतीय आइस हॉकी टीम का प्रशिक्षण शिविर भी इसी हिमाद्रि आइस रिंक में आयोजित किया गया था, जिसे प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले वर्ष अगस्त माह में भारत ने पहली बार “एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी” की सफल मेजबानी की, जिसमें एशिया के 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया था, और उन्हें भी उस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने का अवसर प्राप्त हुआ था।

8 शहरों में 23 खेल अकादमियां खोलने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और यहां के प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है, इसी दिशा में शीघ्र ही राज्य के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना के लिए एक महत्वाकांक्षी ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रति वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीटों और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि हल्द्वानी में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। राज्य में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक नई खेल नीति भी लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा प्रदान की जा रही है, जो खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्य से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि खिलाड़ियों से संबंधित योजनाओं और प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो, ताकि उन्हें समय पर लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में अध्ययनरत खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ खेल छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने में सहायता प्रदान करने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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