उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार, 04 जुलाई को ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर विकास कार्यों की सौगात दी। सीएम धामी ने 219 करोड़ रुपये से अधिक की 51 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इससे देहरादून जिले के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
इसके अलावा धामी सरकार के 5 साल पूरे होने पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रिटायर्ड) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश के आईडीपीएल ग्राउंड में “सेवा पखवाड़ा” कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री पर पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया और मुख्यमंत्री को उनके कार्याकाल के सफलतम 5 वर्ष होने पर शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्य सेवक के रूप में जनसेवा के पांच साल पूरे होने के अवसर पर ऋषिकेश में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण-जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ (सेवा पखवाड़ा) कार्यक्रम में आप सभी ने जिस आत्मीयता, स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास के साथ मेरा स्वागत किया, उससे भावविभोर हूं।
उन्होंंने आगे कहा, आप सभी को सरकार के प्रति विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है जो प्रदेशहित में साहसिक निर्णय लेने और दिन-रात उत्तराखण्ड की सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि जब तक जनसेवा का यह दायित्व मेरे कंधों पर है, मेरा प्रत्येक क्षण, प्रत्येक प्रयास और प्रत्येक संकल्प देवभूमि उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता की सेवा एवं प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित रहेगा।
ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर लगेंगे जनसेवा शिविर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आगामी 15 दिनों तक प्रदेश के सभी ब्लॉक एवं न्याय पंचायत स्तर पर ‘सेवा पखवाड़ा’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित हो सके। इस अभियान के प्रथम चरण में भी प्रदेश भर के 5 लाख से अधिक नागरिकों ने इन शिविरों का लाभ उठाया था। सीएम धामी ने कहा कि राज्य के अंतिम छोर पर खड़े अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुंचाना हमारा संकल्प है। इसी लक्ष्य के साथ हम सही दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं और विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में बीते पांच वर्ष सेवा, सुशासन और समर्पण के भाव से उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास को समर्पित रहे हैं। इस अवधि में हमारी सरकार ने केवल योजनाओं की घोषणा नहीं की, बल्कि दूरदर्शी, साहसिक और जनहितकारी निर्णयों के माध्यम से विकास की नई कार्य संस्कृति स्थापित की है। समान नागरिक संहिता (UCC), देश का सबसे कठोर नकलरोधी कानून, सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून तथा अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम जैसे ऐतिहासिक निर्णय इसी संकल्प के सशक्त उदाहरण हैं, जिनमें जनहित और प्रदेशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
सेवा पखवाड़ा के तहत लगे बहुविभागीय शिविर
बता दें कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाए गए। शिविर में देहरादून, हरिद्वार एवं टिहरी जनपदों के विभिन्न विभागों ने समन्वित रूप से सेवाएं प्रदान कीं। साथ ही आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा, कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर आमजन को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया।
क्या है “सेवा पखवाड़ा”?
बता दें कि पिछले साल उत्तराखंड में चलाए गए ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम की अपार सफलता के बाद अब द्वितीय चरण के अंतर्गत 15 दिवसीय “सेवा पखवाड़ा” कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविर लगाकर मौके पर ही लोगों की शिकायतें सुनी और निपटाई जाएंगी। साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा, विकास कार्यों एवं सरकार की जनहितकारी उपलब्धियों की जानकारी भी आमजन तक पहुंचाई जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने सहकारिता विभाग के अंतर्गत पंजीकृत पांच स्वयं सहायता समूहों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रत्येक समूह को 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने के दौरान तीन युवाओं का जापान में रोजगार हेतु चयन होने के कारण उनको सम्मानित किया। इसके अलावा मतस्य, उद्यान, उद्योग और डेयरी विभाग के लाभार्थियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया।





