उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में राज्य की राजधानी देहरादून में कानून व्यवस्था की स्थिति पर एक अहम बैठक की। दरअसल इस बैठक में उन्होंने शहर में बढ़ रही रोड रेज और हुड़दंग की घटनाओं पर गहरी नाराजगी जताई है। वहीं मुख्य सचिव ने साफ शब्दों में कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और गृह विभाग को अपनी निगरानी बढ़ानी होगी और हुड़दंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि देहरादून को वीकेंड में पार्टी और हुड़दंगियों का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा।
दरअसल बैठक में मुख्य सचिव ने देहरादून शहर और इसके आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसएसपी देहरादून को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी थानेदार अपने-अपने इलाकों में भीड़-भाड़ वाले समय में गश्त बढ़ाएं। इसके अलावा दिन और रात की पेट्रोलिंग के साथ सुबह की गश्त को भी तेज करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य यह है कि शहर में हर समय पुलिस की मौजूदगी महसूस हो और असामाजिक तत्वों में डर बना रहे। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि दिन और रात की पेट्रोलिंग का दायरा और बढ़ाया जाए, ताकि शहर के हर इलाके पर पुलिस की नजर बनी रहे।
हुड़दंग करने वालों पर सख्ती की जाएगी
वहीं मुख्य सचिव ने बार और रेस्टोरेंट बंद करने के तय समय को सख्ती से लागू करने पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि वीकेंड में अक्सर देखा जाता है कि देहरादून पार्टी का केंद्र बन जाता है, जिससे कानून व्यवस्था की समस्या बढ़ जाती है। इस स्थिति को रोकने के लिए हुड़दंग करने वालों पर सख्ती की जाएगी और बार संचालकों को भी नियमों का पालन करने के लिए कहा जाएगा। जो बार संचालक तय समय पर अपने प्रतिष्ठान बंद नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन ने साफ कहा है कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिना किसी रियायत के कार्रवाई की जाएगी
आनंद बर्द्धन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले बार और अवैध रूप से चल रहे बार संचालकों पर बिना किसी रियायत के कार्रवाई की जाए। उन्होंने साफ कहा है कि अपनी ड्यूटी ठीक से न करने वाले अधिकारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा। जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे साफ है कि प्रशासन इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतना चाहता है और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
शहर के बाहरी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे होम स्टे पर भी मुख्य सचिव ने निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी होम स्टे की सूची तैयार की जाए और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पर्यटन के लिए बनाए गए होम स्टे कहीं बार लाइसेंस लेकर उसका गलत उपयोग तो नहीं कर रहे हैं। इस पर सख्ती से निगरानी रखी जाएगी ताकि होम स्टे अपनी मूल व्यवस्था में ही संचालित हों और किसी अवैध गतिविधि का केंद्र न बनें।
दिल्ली-देहरादून हाईवे खुलने के बाद वीकेंड में देहरादून आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना है। मुख्य सचिव ने कहा है कि इस स्थिति को देखते हुए अभी से तैयारी करनी जरूरी है, ताकि अचानक बढ़ने वाली भीड़ से कानून व्यवस्था की समस्या पैदा न हो। उन्होंने हुड़दंग करने वालों की पहचान के लिए किरायेदारों और पीजी में रहने वाले लोगों का सघन सत्यापन अभियान चलाने के भी निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति शहर की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा न बन सके।
इस बैठक में डीजीपी दीपम सेठ, गृह सचिव शैलेश बगौली, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल और एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित गृह और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे हैं। इन सभी अधिकारियों को मुख्य सचिव के निर्देशों का सख्ती से पालन करने और देहरादून में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए तुरंत कदम उठाने को कहा गया है।






