सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक धमकी भरे संदेश ने देहरादून पुलिस की नींद उड़ा दी। जिले के कई पुलिस थानों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस महकमे में तुरंत सतर्कता बढ़ा दी गई। इस जानकारी के सामने आते ही पूरे देहरादून जिले में हड़कंप मच गया।
धमकी भरे संदेश में जिले के कई थानों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। संवेदनशील स्थानों और पुलिस थानों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इसके साथ ही सघन चेकिंग अभियान भी शुरू किया गया। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
इंस्टाग्राम अकाउंट की पहचान में जुटी साइबर सेल
पुलिस अधिकारियों ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। तत्काल प्रभाव से जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट की पहचान करने के लिए साइबर सेल को सक्रिय किया गया है। साइबर सेल की टीम धमकी भरे संदेश को पोस्ट करने वाले व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। शुरुआती जांच में यह भी देखा जा रहा है कि यह धमकी किसी शरारती तत्व द्वारा फैलाई गई अफवाह मात्र है या इसके पीछे कोई ठोस और गहरी साजिश है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हुई हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस धमकी के बाद देहरादून के साथ-साथ मसूरी क्षेत्र में भी अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां मिलकर पूरे मामले की जांच में सहयोग कर रही हैं। हर पहलू को बारीकी से परखा जा रहा है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।
सार्वजनिक स्थानों और बाजारों में बढ़ाई गई सुरक्षा निगरानी
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत बम निरोधक दस्ते (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड) और डॉग स्क्वॉड को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। सार्वजनिक स्थानों, प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार नजर बनाए हुए है। इसका मकसद किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह को तुरंत पकड़ना है ताकि जनता में अनावश्यक भय न फैले।
पुलिस की आम लोगों से अपील
पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इस तरह की धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसलिए हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। जनता का सहयोग इस प्रकार के मामलों में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
यह भी उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड प्रदेश में इस तरह की धमकियों के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। पूर्व में हुई कई जांचों में ऐसी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी। कई मामलों में तो धमकियां झूठी भी साबित हुई थीं। हालांकि, इस बार पुलिस प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए दी गई इस धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को और अधिक बढ़ा दिया है। पूरे जिले में एहतियात के तौर पर कड़ी निगरानी लगातार जारी है। पुलिस का मुख्य लक्ष्य शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।






