उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अल्मोड़ा के दन्या क्षेत्र को बड़ी सौगातें दी हैं। रामलीला मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया और भविष्य की योजनाओं का ऐलान कर जनता को खुश कर दिया।
सीएम धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में हमारा देश विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इसी कड़ी में, उत्तराखंड भी तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है, जिससे राज्य के हर कोने में खुशहाली आ रही है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और हर क्षेत्र में प्रगति सुनिश्चित कर रही है।
राजकीय महाविद्यालय दन्या को मिला 4.96 करोड़ रुपये का अत्याधुनिक भवन
इस महत्वपूर्ण अवसर पर, मुख्यमंत्री धामी ने राजकीय महाविद्यालय दन्या में 4.96 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक भवन का लोकार्पण किया। यह भवन शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा और छात्रों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। इसके साथ ही, सीएम धामी ने अल्मोड़ा के विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी की हैं, जो क्षेत्र के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई हैं।
शहीद बीरेश्वर गोस्वामी के नाम पर अल्मोड़ा में एक भव्य द्वार का निर्माण किया जाएगा, जो उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाएगा। चमतोला खेल मैदान का निर्माण कर युवाओं को खेलकूद के बेहतर अवसर मिलेंगे और उनकी प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी। राजकीय महाविद्यालय गरुड़ाबाँज में एक मिनी स्टेडियम का निर्माण भी सीएम धामी की बड़ी घोषणाओं में से एक है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
जीआईसी गरुड़ाबाँज में बनेंगे चार अतिरिक्त कक्षा-कक्ष
जीआईसी गरुड़ाबाँज में चार अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण कर छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। प्रेम मंदिर और राधा कृष्ण मंदिर स्थल का सौंदर्यीकरण कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे अधिक श्रद्धालु आकर्षित होंगे। खेती जटेश्वर मोटर मार्ग के कचौरी नामक स्थान से कलूटा पोलिंग बूथ तक मोटर मार्ग का निर्माण कर कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चगेठी के उच्चीकरण की घोषणा भी सीएम धामी ने की, जिससे शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा।
मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण पर दिया जोर
इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे दुनिया भर से श्रद्धालु यहां आकर्षित होंगे और हमारी संस्कृति का अनुभव कर सकेंगे।
सीएम धामी ने यह भी बताया कि केदारखंड और मानसखंड में पर्यटन गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा लाभ राज्य को मिल रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक राज्य में पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से श्री जागेश्वर धाम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जागेश्वर मास्टर प्लान के माध्यम से धाम के मूल स्वरूप को संरक्षित रखते हुए विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। पार्किंग क्षमता को बढ़ाने के साथ ही, धाम को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, ताकि यहां आने वाले भक्तों को कोई असुविधा न हो। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सभी धामों के संरक्षण और विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने पर सरकार का विशेष फोकस
सीएम धामी ने राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद और योग आधारित पर्यटन के क्षेत्र में भी व्यापक कार्य किए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड स्वास्थ्य और कल्याण पर्यटन का हब बन सकेगा। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल’ की अवधारणा के तहत मेलों और स्थानीय सांस्कृतिक आयोजनों को नई पहचान दी जा रही है, जो हमारी समृद्ध संस्कृति को बढ़ावा देगा और स्थानीय कला व कलाकारों को मंच प्रदान करेगा।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश का समग्र विकास हो रहा है। केंद्रीय मंत्री टम्टा ने सभी से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया, ताकि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह एक साझा लक्ष्य है जिसे हम सब मिलकर हासिल करेंगे और उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।






