उत्तराखंड के मतदाताओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का काम तेजी से चल रहा है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मतदाता सूची को अपडेट करने का काम लगभग पूरा होने वाला है।
दरअसल कार्यक्रम के तहत राज्य में 98 प्रतिशत गणना फॉर्म मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है, जो चुनाव आयोग की सक्रियता को दिखाती है। डॉ. जोगदण्डे ने बताया कि कई जिलों में यह आंकड़ा 99 प्रतिशत से भी अधिक रहा है। चम्पावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल जैसे छह जिलों में 99 प्रतिशत से ज्यादा फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। अन्य जिलों में भी काम संतोषजनक गति से चल रहा है। देहरादून में लगभग 95 प्रतिशत, नैनीताल में 96 प्रतिशत और टिहरी में 97 प्रतिशत फॉर्म का वितरण किया जा चुका है।
डिजिटलीकरण का काम भी तेजी से किया जा रहा

वहीं फॉर्म वितरण के साथ-साथ उनके डिजिटलीकरण का काम भी तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 12 प्रतिशत गणना फॉर्म को डिजिटाइज किया जा चुका है। कुछ जिलों ने इस काम में शानदार प्रदर्शन किया है। अल्मोड़ा जिला 33 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ सबसे आगे है, जबकि पौड़ी गढ़वाल में 25 प्रतिशत और पिथौरागढ़ में 23 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं। हालांकि, कुछ जिलों में डिजिटलीकरण की रफ्तार अभी धीमी है। नैनीताल में 4 प्रतिशत, देहरादून में 7 प्रतिशत और ऊधमसिंह नगर में लगभग 8 प्रतिशत ही फॉर्म डिजिटाइज हुए हैं। सभी जिलों को इस अभियान को समय पर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

7 जुलाई तक गणना फॉर्म के वितरण का काम पूरा हो जाएगा
दरअसल इस महत्वपूर्ण काम में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की भी सक्रिय भागीदारी है। प्रदेश में सभी दलों द्वारा 22,900 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) तैनात किए गए हैं। गुरुवार, 18 जून को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की जाएगी। वहीं मतदाता सूची के पुनरीक्षण का यह अभियान तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। 7 जुलाई तक गणना फॉर्म के वितरण और संग्रह का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर बूथों का पुनर्गठन किया जाएगा। फिर 14 जुलाई, 2026 को मतदाता सूची का ड्राफ्ट रोल जारी किया जाएगा। मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 14 जुलाई से 13 अगस्त, 2026 तक का समय दिया गया है। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा 14 जुलाई से 11 सितंबर, 2026 के बीच किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, उत्तराखंड में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर, 2026 को किया जाएगा।
मतदाताओं के लिए ऑनलाइन सुविधाएं भी उपलब्ध
दरअसल मतदाताओं की सुविधा के लिए कई ऑनलाइन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। मतदाता स्वयं भी ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से अपना गणना फॉर्म ऑनलाइन भर सकते हैं। इससे पूरी प्रक्रिया और अधिक आसान हो जाती है। भारत निर्वाचन आयोग ने एक खास फीचर ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ भी शुरू किया है। इसके जरिए मतदाता एक क्लिक पर अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक कर सकते हैं। इसके लिए मतदाताओं को https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा या ईसीआई नेट मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा। कॉल बुक करने के बाद दो दिन के भीतर बीएलओ स्वयं मतदाता से संपर्क करेंगे। यह सुविधा खासतौर पर उन मतदाताओं के लिए उपयोगी है, जिन्हें प्रक्रिया समझने में मदद की जरूरत है।
2003 की पुरानी मतदाता सूची भी अब ऑनलाइन उपलब्ध
वहीं अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 की पुरानी मतदाता सूची भी अब ऑनलाइन उपलब्ध है। इसे मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट https://ceo.uk.gov.in पर आसानी से देखा जा सकता है। मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, अपने नाम, अपने पिता/पति के नाम के आधार पर अपना मतदाता क्रमांक और बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा गली, मोहल्लों और इलाके के नाम से भी मतदाता सूची खोजने की सुविधा दी गई है। यह उन लोगों के लिए बहुत मददगार है, जो अपनी पुरानी जानकारी खोजना चाहते हैं।






