देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने पत्रकारों और उनके परिवारों की आर्थिक मदद को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चार दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता देने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक वरिष्ठ पत्रकार को इलाज के लिए 5 लाख रुपये और चार वरिष्ठ पत्रकारों को हर महीने 8 हजार रुपये पेंशन देने की भी सिफारिश हुई है।

पत्रकारों की आर्थिक मदद और पेंशन से जुड़े इन मामलों पर देहरादून स्थित इन्फॉर्मेशन डिपार्टमेंट में हुई बैठक में चर्चा की गई। इन्फॉर्मेशन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जनरल बंशीधर तिवारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान पत्रकार कल्याण कोष और मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत मिले मामलों की समीक्षा की गई।

चार परिवारों और एक बीमार पत्रकार के लिए 25 लाख रुपये की मदद

बैठक में चार दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को कुल 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की सिफारिश की गई। इसके अलावा गंभीर बीमारी से पीड़ित एक वरिष्ठ पत्रकार के इलाज के लिए 5 लाख रुपये देने की भी सिफारिश हुई। इस तरह कुल पांच मामलों में 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा गया है।

इसी बैठक में चार वरिष्ठ पत्रकारों की पेंशन से जुड़े मामलों पर भी फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत इन पत्रकारों को हर महीने 8-8 हजार रुपये पेंशन देने की सिफारिश की गई है। मंजूरी मिलने के बाद प्रत्येक पत्रकार को सालाना 96 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी।

पत्रकारों और उनके परिवारों की मदद पर सरकार का जोर

इन्फॉर्मेशन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जनरल बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार पत्रकारों के कल्याण और सम्मान के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर रहे पत्रकारों और उनके परिवारों को जरूरी आर्थिक मदद मिल सके।

उन्होंने बताया कि पत्रकारों की आर्थिक सहायता और पेंशन से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसके लिए समय-समय पर समितियों की बैठकें आयोजित की जाती हैं, ताकि पात्र पत्रकारों और उनके परिवारों को नियमों के अनुसार सहायता मिल सके।