देहरादून में स्टार्टअप्स को मिलेगा नया ठिकाना, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने किया STPI के इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन

उत्तराखंड में नए स्टार्टअप्स शुरू करने वाले युवाओं के लिए धामी सरकार ने नया फैसला लिया है। अब STPI के जरिए इन्हें हाई स्पीड इंटरनेट से लेकर ऑफिस और अन्य जरूरी सुविधाएं मिलेगी।
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देहरादून। उत्तराखंड में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कारोबार शुरू करने वाले युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए नई सुविधा शुरू हुई है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को देहरादून के आईटी पार्क में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के नए इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया। करीब 30 हजार वर्ग फुट में तैयार इस चार मंजिला सेंटर में स्टार्टअप्स को ऑफिस, हाई-स्पीड इंटरनेट और दूसरी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही नए उद्यमियों को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और उद्योग जगत से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।

उत्तराखंड में इस समय 1,700 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं। ऐसे में नई फैसिलिटी से टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है। यहां एक ऑडिटोरियम, दो मीटिंग रूम, दो कॉन्फ्रेंस रूम और नेटवर्क ऑपरेशंस सेंटर की व्यवस्था की गई है। इससे नई कंपनियों को एक ही जगह काम करने और अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी।

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

उद्घाटन कार्यक्रम में जितिन प्रसाद ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में देश की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही उत्तराखंड के काशीपुर में विकसित किए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का भी जिक्र किया।

कार्यक्रम में मौजूद उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देहरादून एक बड़ा शिक्षा केंद्र है और यहां बेंगलुरु तथा हैदराबाद की तरह प्रमुख IT हब बनने की क्षमता है। वहीं, आईटी एवं सुशासन मंत्री प्रदीप बत्रा ने नई फैसिलिटी को राज्य में टेक्नोलॉजी और उद्यमिता को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

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17 स्टार्टअप्स को मिल चुकी है 4.25 करोड़ रुपये की मदद

STPI की ओर से स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। नेक्स्ट जनरेशन इन्क्यूबेशन स्कीम (NGIS) के तहत अब तक 52 स्टार्टअप्स का चयन किया गया है। इनमें से 17 स्टार्टअप्स को कुल 4.25 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग मिली है, जबकि 26 से अधिक स्टार्टअप्स को प्रत्येक 90 हजार रुपये का स्टाइपेंड दिया गया है।

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STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि नए सेंटर के माध्यम से स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, तकनीकी विशेषज्ञों और देशभर के निवेशकों से जुड़ने में मदद मिलेगी। वहीं, उत्तराखंड के आईटी सचिव पंकज पांडे ने बताया कि राज्य में करीब एक हजार सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

देहरादून में STPI वर्ष 2001 से काम कर रहा है। यहां पहले से करीब 19,533 वर्ग फुट की इन्क्यूबेशन फैसिलिटी मौजूद है, जिसका उपयोग कई IT कंपनियां कर रही हैं। अब नया सेंटर शुरू होने से टेक्नोलॉजी कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार हुआ है।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
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