नीमच मंडी में उड़द की तौल को लेकर विवाद, किसान का आरोप- 50 किलो की बोरी में भर रहे 60 से 62 किलो उपज

नीमच कृषि उपज मंडी में उड़द की तौल को लेकर किसानों ने जमकर हंगामा किया है। किसानों का आरोप है कि 50 किलो वाली बोरी में 60 से 62 किलो उपज भरी जा रही है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है।
नीमच मंडी में उड़द की तौल को लेकर विवाद, किसान का आरोप- 50 किलो की बोरी में भर रहे 60 से 62 किलो उपज

नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच की कृषि उपज मंडी में उड़द की तौल को लेकर विवाद सामने आया है। मंडी में अपनी उपज बेचने पहुंचे एक किसान ने आरोप लगाया है कि 50 किलो की बोरी में 60 से 62 किलो तक उड़द भरी जा रही थी। यानी हर बोरी में निर्धारित वजन से 10 से 12 किलो अधिक उपज भरने की शिकायत की गई है। मामला मंडी समिति तक पहुंचने के बाद पुलिस को पत्र भेजकर कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, किसान रोहित रघुवंशी अपनी उड़द की फसल बेचने नीमच कृषि उपज मंडी पहुंचे थे। यहां गणपत गुलजारी फर्म द्वारा उपज की खरीद के दौरान तौल को लेकर विवाद हो गया। किसान का आरोप है कि हम्माल बोरियों में निर्धारित 50 किलो के बजाय 60 से 62 किलो उड़द भर रहे थे। उन्होंने इसे तौल में गड़बड़ी बताते हुए शिकायत दर्ज कराई।

मंडी समिति ने पुलिस को भेजा पत्र

किसान की शिकायत मिलने के बाद मंडी समिति ने मामला थाना बघाना पुलिस को भेज दिया है। समिति की ओर से थाना प्रभारी को पत्र लिखकर शिकायत के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।

हालांकि, बोरियों में अतिरिक्त उपज भरने के आरोप की अभी पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित बोरियों की तौल किस तरह दर्ज की गई थी और किसान को भुगतान किस वजन के आधार पर किया जाना था।

नीमच मंडी में उड़द की तौल को लेकर विवाद, किसान का आरोप- 50 किलो की बोरी में भर रहे 60 से 62 किलो उपज
नीमच मंडी में उड़द की तौल को लेकर विवाद, किसान का आरोप- 50 किलो की बोरी में भर रहे 60 से 62 किलो उपज

नीमच मंडी में उड़द की तौल को लेकर विवाद, किसान का आरोप- 50 किलो की बोरी में भर रहे 60 से 62 किलो उपज

जांच में सामने आएगी तौल की हकीकत

इस मामले में बोरियों के वास्तविक वजन, तौल पर्चियों और खरीद से जुड़े रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होगी। इनसे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसान की शिकायत के मुताबिक निर्धारित मात्रा से अधिक उड़द भरी गई थी या नहीं और इससे किसान को कोई आर्थिक नुकसान हुआ था या नहीं।

फिलहाल मंडी समिति ने शिकायत पुलिस को भेज दी है। पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

कमलेश सारडा की रिपोर्ट

Kamlesh Sarda
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