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उत्तरकाशी में तबाही से किसानों की कमर टूटी, सेब, राजमा और आलू की फसलें बर्बाद

Written by:Vijay Choudhary
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उत्तरकाशी में तबाही से किसानों की कमर टूटी, सेब, राजमा और आलू की फसलें बर्बाद

उत्तरकाशी (उत्तराखंड): हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने उत्तरकाशी जिले में भारी तबाही मचाई है। तेज बारिश और भूस्खलन से कई गांवों में लोगों के घर, खेत, बाग और होटल सब तबाह हो गए। सबसे ज्यादा नुकसान सेब, आलू और राजमा की फसलों को हुआ है। उत्तरकाशी जैसे पर्वतीय जिलों में जहां किसान पूरी तरह से खेती और बागवानी पर निर्भर हैं, उनके लिए यह आपदा किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।

सेब और राजमा की फसल पूरी तरह तबाह

उत्तरकाशी जिले के धराली, जखोल, सुनकुंडी, धारा पाव, मला पाव, तल्लावा और नूरानों जैसे क्षेत्रों में सेब और राजमा की करीब 7.9 हेक्टेयर फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। सेब और राजमा के बागानों के साथ-साथ मंडुवा और आलू की फसल भी नष्ट हो गई।

राज्य के उद्यान विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे उत्तराखंड में 10,480 हेक्टेयर बागवानी भूमि में से 7502.59 हेक्टेयर भूमि केवल उत्तरकाशी में प्रभावित हुई है। यानी राज्य के कुल बागवानी नुकसान का 70% से अधिक उत्तरकाशी में हुआ है।

ग्रामीणों की आपबीती: सब कुछ खत्म हो गया

इस आपदा से प्रभावित लोगों में से एक जय भगवान पंवार ने बताया कि उनका होटल और करीब 200 सेब के पेड़ पूरी तरह मलबे में दब गए। उनका कहना है कि अब उनके पास न रहने का घर बचा है और न कोई आमदनी का जरिया।

वहीं, अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जिनके बाग-बगीचे इस आपदा से बच भी गए हैं, वे सड़कों के टूटने के कारण अपनी फसलों को बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इससे किसान दोहरी मार झेल रहे हैं – एक तरफ फसल बर्बाद और दूसरी तरफ जो बची है, वो भी नहीं बिक पा रही।

राज्यभर में कृषि फसलों को भारी नुकसान

  • सिर्फ उत्तरकाशी ही नहीं, राज्य के अन्य जिलों में भी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
  • भटवाड़ी क्षेत्र में धान, चोले, सोयाबीन और राजमा की फसलें बर्बाद हुई हैं।
  • टिहरी जिले में 1565 हेक्टेयर क्षेत्र में बागानों को नुकसान पहुंचा है।
  • देहरादून जिले में 955 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है।
  • पूरे उत्तराखंड में अब तक 117 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि फसलों को नुकसान का अनुमान है।

सरकार करेगी सर्वे, मिलेगा मुआवजा

उत्तराखंड कृषि विभाग के अपर निदेशक ए.के. उपाध्याय ने बताया कि फिलहाल प्रारंभिक सर्वे किया गया है। जल्द ही राजस्व, उद्यान और कृषि विभाग की टीमें विस्तृत सर्वे करेंगी। इसके बाद नुकसान का सही आकलन किया जाएगा और आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार मानकों के अनुसार किसानों को हरसंभव मदद देगी, लेकिन प्रक्रिया को पूरा होने में कुछ समय लग सकता है।

Vijay Choudhary
लेखक के बारे में
पछले पांच सालों से डिजिटल पत्रकार हैं. जुनूनी न्यूज राइटर हैं. तीखे विश्लेषण के साथ तेज ब्रेकिंग करने में माहिर हैं. देश की राजनीति और खेल की खबरों पर पैनी नजर रहती है. View all posts by Vijay Choudhary
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