देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेश की जनता को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संत रविदास की शिक्षाएं और विचार आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संदेश में कहा कि संत रविदास ने अपना पूरा जीवन मानवता की सेवा और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, “संत रविदास जी की शिक्षाएं समाज में समानता और समरसता की मजबूत नींव हैं। उन्होंने जीवन भर मानवता की सेवा को ही अपना धर्म माना।”
भेदभाव रहित समाज का सपना
सीएम धामी ने कहा कि संत रविदास एक ऐसे समाज का सपना देखते थे, जहां किसी भी व्यक्ति के साथ जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव न हो। उन्होंने एक ऐसे समाज की कल्पना की, जहां हर किसी को समान अधिकार, सम्मान और आगे बढ़ने के अवसर मिलें। मुख्यमंत्री के अनुसार, संत रविदास ने अपने विचारों से समाज को एक सूत्र में पिरोने का महान कार्य किया।
सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि संत रविदास ने छुआछूत, ऊंच-नीच और सामाजिक असमानता जैसी कुरीतियों के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई। उन्होंने कहा, “संत रविदास ने अपनी शिक्षाओं के माध्यम से समाज को जाति, धर्म और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने की प्रेरणा दी।” उन्होंने प्रेम, करुणा और सत्य के मार्ग को ही समाज के कल्याण का एकमात्र रास्ता बताया।
शिक्षाओं को जीवन में उतारने का आह्वान
सीएम धामी ने प्रदेशवासियों से संत रविदास की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए समाज में व्याप्त बुराइयों को खत्म करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संत रविदास के विचार समाज को एकजुट रखने के लिए आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।





