देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने और राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास कर रहे तत्वों पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा प्रहार किया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री धामी ने छात्रों के इस आंदोलन के राजनीतिकरण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और उनके समर्थक छात्रों को आगे कर खुद अपनी राजनीति चमकाने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, जिससे प्रदेश और देश का माहौल खराब करने की कोशिशें की जा रही हैं। यह सिर्फ छात्रों की मांगों तक सीमित मामला नहीं, बल्कि आंदोलन की आड़ में कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने और समाज में अराजकता फैलाने का एक सुनियोजित प्रयास है। मुख्यमंत्री ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है, जिसे देश की जनता अब भली-भांति समझ रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में केंद्र सरकार ने परीक्षा से जुड़े हर मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि NEET परीक्षा में अनियमितताओं की बात सामने आने पर उसे तत्काल दोबारा आयोजित कराया गया। पूरे मामले की गहन CBI जांच कराई गई और जिन लोगों की भी भूमिका इसमें सामने आई, उनके खिलाफ बिना किसी लाग-लपेट के सख्त कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने दृढ़ता से दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी और NDA शासित राज्यों में भर्ती परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता और शुचिता के साथ आयोजित किया जा रहा है, ताकि युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो सके।
राज्य में 100 से अधिक नकल माफियाओं पर कार्रवाई: मुख्यमंत्री
उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा नकल माफिया के खिलाफ की गई अभूतपूर्व कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राज्य में 100 से अधिक नकल माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, जिससे परीक्षाओं की पवित्रता भंग करने वाले तत्वों में भय का माहौल व्याप्त है। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने 34 हजार से अधिक नियुक्तियां भी पूरी पारदर्शिता के साथ की हैं, जिससे युवाओं को उनका हक मिला है। धामी ने पुनः जोर देकर कहा कि यदि यह केवल छात्रों की वास्तविक मांगों का विषय होता तो उसे उसी रूप में देखा जाता, लेकिन इसमें बीच में आकर अराजक माहौल बनाना और इसका राजनीतिकरण करना विशुद्ध रूप से एक बड़ी सोची-समझी साजिश है, जिसका पर्दाफाश होना आवश्यक है।
राहुल गांधी के धरने पर सीएम धामी का हमला
विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं के धरने-प्रदर्शन को लेकर भी मुख्यमंत्री धामी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ और ‘अमृतकाल’ के सच्चे यात्री हमारे युवा हैं। युवा सही दिशा में आगे बढ़ें, इसके लिए हम युवाओं से निरंतर संवाद करेंगे और उन्हें सकारात्मक दिशा देने का काम करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं को आगे करके राजनीतिक माहौल बनाकर केवल देश में अस्थिरता पैदा करने का काम जो लोग कर रहे हैं, उनको आज जनता पूरी तरह से पहचान चुकी है और ऐसे तत्वों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी युवाओं के हितों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री मोदी युवाओं के हितों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और उनकी सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसरों के सृजन के जरिए युवाओं को आगे बढ़ाने का काम युद्धस्तर पर किया गया है। उन्होंने अंत में कहा कि विकसित भारत के निर्माण में देश का युवा सबसे बड़ी ताकत है। सरकार युवाओं से संवाद करेगी और उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रखेगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को आगे कर राजनीतिक माहौल बनाने वाले लोगों को जनता पहचान चुकी है और उनके बहकावे में आने वाली नहीं है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने भी दावा किया है कि NEET विरोध-प्रदर्शन को बाहरी असामाजिक तत्वों ने हाईजैक कर लिया है और वे भीड़ में घुसकर वर्दी वालों पर हमला कर रहे हैं, जो इस सोची-समझी साजिश की पुष्टि करता है।






