उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को देहरादून में आयोजित ‘युवा अग्निवीर संवाद’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के विकास कार्यों, युवाओं के भविष्य और सनातन धर्म के महत्व पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में विकास की प्रक्रिया अनवरत जारी रहेगी, जिसका लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है।
कार्यक्रम के दौरान जब मुख्यमंत्री धामी से राज्य सरकार के पांच प्रमुख कार्यों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सैकड़ों काम किए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि वे केवल पांच कार्यों का उल्लेख करेंगे, तो अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियों के साथ अन्याय होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाबा केदारनाथ धाम में दिए गए बयान का स्मरण कराया, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था कि उत्तराखंड इस सदी का नेतृत्व करेगा और हर क्षेत्र में अग्रणी रहेगा। धामी ने बताया कि इस दृष्टि से राज्य को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने उन धारणाओं को खारिज किया कि छोटे राज्यों में बड़े कार्य संभव नहीं होते, इसका प्रमाण देते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC) को पूरे देश में सबसे पहले उत्तराखंड में लागू किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य में 34,000 से अधिक भर्तियां हुई हैं, जिनमें पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है और “न कोई पर्ची चली है और न कोई खर्ची चली है”।
मुख्यमंत्री धामी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य में चल रहे विकास कार्यों की निरंतरता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य की माताएं और बहनें विभिन्न उत्पादों का निर्माण कर रही हैं, जिन्हें सरकार द्वारा प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इन उत्पादों की पहुंच देश भर में बढ़ रही है। उन्होंने महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की उज्जवला योजना और हर घर शौचालय जैसी योजनाओं का उल्लेख किया, जिन्होंने उत्तराखंड की कठिन परिस्थितियों में काम करने वाली महिलाओं को सुविधाएँ प्रदान की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं, महिलाओं, दंगा नियंत्रण, यूसीसी और किसानों सहित हर क्षेत्र में अनेक कार्यों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अब राज्य के युवा पलायन की बजाय वापस लौट रहे हैं। धामी ने स्वीकार किया कि यह पर्याप्त नहीं है और विकास की यह प्रक्रिया तब तक अनवरत रूप से चलती रहेगी, जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ नहीं पहुँच जाता।
सीएम धामी ने खुद को बताया उत्तराखंड का सेवक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं को देवभूमि उत्तराखंड का मुख्य सेवक बताया और सनातन धर्म के महत्व पर अपनी बात रखी। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि यदि सनातन का जयघोष देवभूमि से नहीं होगा, तो फिर कहाँ से होगा। मुख्यमंत्री ने उन लोगों की आलोचना की जिन्होंने विशेष वर्ग के वोट हासिल करने के लिए सनातन धर्म को मलेरिया, डेंगू या वायरल जैसी बीमारियों से तुलना की थी। उन्होंने कहा कि सनातन हमारी जीवन पद्धति है, जो हमेशा से थी, है और रहेगी। सोशल मीडिया के संदर्भ में, धामी ने स्वीकार किया कि यह सामान्य व्यक्ति को अपनी बात दुनिया तक पहुँचाने का मंच प्रदान करता है, लेकिन उन्होंने आगाह किया कि कुछ लोग केवल व्यूज और लाइक के लिए ऐसी बातें पोस्ट कर देते हैं जो हकीकत से दूर होती हैं। उन्होंने ऐसी भ्रम की स्थिति पैदा करने वाली गतिविधियों से बचने की आवश्यकता पर बल दिया।
देहरादून में युवा अग्निवीर संवाद कार्यक्रम में अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं से आत्मीय संवाद किया। pic.twitter.com/5hyhndHMPP
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 17, 2026






