देश में इस समय पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। वहीं कांग्रेस छात्रों के बीच जाकर उनसे संवाद कर रही है। साथ ही राम मंदिर चढ़ावा चोरी मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गांव-गांव तक मामले को पहुंचा रही है। पेपर लीक मामले में भी बयानबाजी जमकर हो रही है।
कांग्रेस नेता और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पेपर लीक मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं। साथ ही कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। राहुल गांधी एक बार फिर पेपर लीक मुद्दे पर छात्रों से संवाद करने जा रहे हैं। कांग्रेस नेता 17 जुलाई को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान में शामिल होंगे। उन्होंने छात्रों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है।
राहुल गांधी ने कहा, भ्रष्ट, अनियमित, पक्षपात और बेईमानी ये चार शब्द मेरे नहीं हैं। ये वे शब्द हैं जिनका इस्तेमाल आज देश के छात्र भारत की शिक्षा व्यवस्था का वर्णन करने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा, सच्चाई यह है कि भारत की शिक्षा व्यवस्था अब एक बेईमान वसूली पद्धति में तब्दली हो गई है। जिस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को उनके बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना था, वही आज उन्हें और उनके परिवारों को कर्ज, मानसिक तनाव और निराशा की ओर धकेल रही है।
छात्रों की सालों की मेहनत लूटी जा रही: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आगे कहा कि इसी भ्रष्टाचार ने पेपर लीक माफियाओं को जन्म दे दिया है जो तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की सालों की मेहनत को एक ही झटके में लूट लेता है। उन्होंने आगे कहा कि यहां गुनहगार वेंडर्स और अधिकारियों को टेंडर और प्रमोशन मिलते हैं। और सजा किसे मिलती है? छात्रों को, जो अपने टूटे सपनों के साथ अकेले रह जाते हैं।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, मोदी सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री यह सब देख रहे हैं, लेकिन उन्होंने चुप्पी साध रखी है। उन्होंने जवाबदेही से मुंह मोड़ लिया है। वहीं मीडिया में भी इस मुद्दे पर खामोशी छाई हुई है। उन्होंने आगे कहा, अब बहुत हो चुका है। शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का समय आ गया है। 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मेरे साथ जुड़िए और ‘छात्रों की गूंज’ को और बुलंद बनाइए।





