उत्तराखंड की जनता की समस्याओं का निवारण करने के लिए हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ के अभियान के द्वितीय चरण ‘सेवा पखवाड़ा’ की शुरुआत की है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री धामी शनिवार को देहरादून के सहसपुर स्थित श्री गुरु राम राय (SGRR) पब्लिक स्कूल में आयोजित ‘सेवा पखवाड़ा’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम की थीम सेवा, सुशासन और समर्पण है।
बता दें कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में चल रहा “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान राज्य में सुशासन का एक प्रभावी मॉडल बन गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके घर-आंगन में सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 4 जुलाई से मनाए जा रहे ‘सेवा पखवाड़ा’ के तहत शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों के काउंटर लगाए गए हैं। करीब 1000 लोगों ने अपनी समस्याओं, अलग-अलग योजनाओं पर सीधे अधिकारियों से बातचीत की है। लोगों को समस्याओं का तत्काल ही निराकरण किया गया है। इसलिए यह समझा जा सकता है कि लोगों में काफी उत्साह है। पहले चरण में भी इस प्रकार के शिविर लगाए गए थे जिसमें करीब 6 लाख लोगों ने हिस्सा लिया और लगभग 60,000 लोगों की समस्याओं का मौके पर ही हल किया गया। ऐसे शिविर आगें भी लगते रहेंगे।
तत्काल निर्णय और प्रभावी समाधान पर सरकार का विशेष जोर: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सेवा पखवाड़ा अभियान के तहत लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि यह जनता और सरकार के बीच बढ़े विश्वास का प्रमाण है, जिसने दोनों के बीच मौजूद संवाद की दूरी को कम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल दर्शाती है कि सरकार केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने, तत्काल निर्णय लेने और प्रभावी समाधान देने में भरोसा करती है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को आसान बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी नीतियों का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे।





