कहते हैं कि सफलता का संबंध कर्म से प्रतीत होता है। सफल लोग निरंतर आगे बढ़ते रहते हैं। वे गलतियां करते हैं, लेकिन हार नहीं मानते.. इसका आज जीता जागता उदाहरण भी देखने को मिला है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी रवि टम्टा की उपलब्धि भी कुछ ऐसी ही है। युवा इनोवेटर रवि टम्टा रवि टम्टा ने स्वदेशी तकनीक से विकसित अपने व्यक्तिगत उड़ान वाहन ‘HAPIDA SKYNEX’ के प्रोटोटाइप का सफल उड़ान परीक्षण कर नई सफलता हासिल की है। उनका दावा है कि यह भारत में इस तरह का पहला आविष्कार है।
बता दें कि रवि टम्टा अल्मोड़ा जनपद के रहने वाले हैं। वह राज्य के युवा इनोवेटर हैं। रवि और उनकी टीम ने HAPIDA SKYNeX के प्रोटोटाइप का सफल प्रारंभिक परीक्षण किया है। इस सफलता के साथ रवि ने साबित कर दिया कि सपनों को उड़ान देने के लिए संसाधनों से ज्यादा मजबूत संकल्प की जरूरत होती है। रवि टम्टा ने कहा कि उन्हें इस उपलब्धि की बेहद खुशी है। पिछले कई समय से इस पर काम कर रहा था कि कैसे इसे बना सकते हैं। दस साल तक लगातार संघर्ष के बाद मैं इसे सफल कर पाया हूं।
सीमित संसाधनों के बावजूद रवि और उनकी टीम ने पर्सनल स्काई मोबिलिटी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रयास करते हुए नई संभावनाओं की दिशा में कदम बढ़ाया है। यदि यह तकनीक आगे सभी परीक्षणों में सफल होती है तो यह देश में परिवहन की दिशा में नई क्रांति ला सकती है।
मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं
राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रवि टम्टा को उनकी इस सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं। सीएम धामी ने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा है कि राज्य के अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर रवि टम्टा जी को ड्रोन तकनीक में नवाचार करते हुए HAPIDA SKYNEX प्रोटोटाइप के सफल उड़ान परीक्षण पर हार्दिक बधाई।
आपकी यह उपलब्धि साबित करती है कि हमारे युवाओं में प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच की कोई कमी नहीं है। आपका यह अभिनव प्रयास न केवल उत्तराखंड, बल्कि देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हमें विश्वास है कि आप भविष्य में भी अपने नवाचारों के माध्यम से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे और देश का नाम रोशन करेंगे।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर रवि टम्टा जी को ड्रोन तकनीक में नवाचार करते हुए HAPIDA SKYNEX प्रोटोटाइप के सफल उड़ान परीक्षण पर हार्दिक बधाई।
आपकी यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि हमारे युवाओं में प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच की कोई कमी नहीं है। आपका यह अभिनव प्रयास… pic.twitter.com/sR7KZ8AWoO
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 7, 2026





