उत्तराखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री और गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे मुसीबत में फंस गए हैं। सरकारी भूमि पर निर्माण को लेकर राजस्व विभाग की ओर से अरविंद पांडे को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में विधायक को हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए 15 दिन के भीतर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
मंगलवार को कानूनगो भगत सिंह और पटवारी जितेंद्र कुमार गदरपुर विधायक अरविंद पांडे की आवास पर पहुंचे। हालांकि इस दौरान विधायक पांडे आवास पर नहीं थे। उनकी गैर मौजूदगी में उनके पुत्र अतुल पांडे को नोटिस थमाया गया।
तहसील गदरपुर के तहसीलदार द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, जिस ज़मीन की बात हो रही है, वह खाता नंबर 64, खसरा नंबर 12G के तौर पर दर्ज है जिसका रकबा 0.158 हेक्टेयर है और इसे कैटेगरी 5(1) “नदी के किनारे की ज़मीन” के तौर पर क्लासिफ़ाई किया गया है। जांच के दौरान इस जमीन पर एक पक्का स्ट्रक्चर मिला, जिसे अवैध कब्जा माना गया है।
नोटिस में कहा गया है कि यह कार्रवाई उत्तराखंड हाई कोर्ट, नैनीताल के रिट पिटीशन नंबर 192/2024 में पास किए गए 26 दिसंबर, 2024 के आदेश के पालन में की गई है। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली के पिछले आदेशों का भी हवाला दिया गया है। प्रशासन ने संबंधित अतिक्रमणकारी को 15 दिनों के अंदर खुद ही अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। नोटिस में आगे चेतावनी दी गई है कि अगर तय समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो नियमों के मुताबिक तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी।





