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उत्तराखंड: पंत विवि में बीटेक का फाइनल पेपर लीक, दो कर्मचारी हटाए, परीक्षा रद!

Written by:Vijay Choudhary
Published:
उत्तराखंड: पंत विवि में बीटेक का फाइनल पेपर लीक, दो कर्मचारी हटाए, परीक्षा रद!

गोविंद वल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा में पेपर लीक होने से हड़कंप मच गया है। परीक्षा खत्म होने के बाद कुछ छात्रों ने शिकायत की, जिससे मामला उजागर हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुपचुप तरीके से जांच कर दो कर्मियों को सेवा से हटा दिया, लेकिन मुख्य दोषियों का पता अभी तक नहीं चला है। इतना बड़ा मामला सामने आने के बाद भी कुलपति का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। अब छात्रों को दोबारा परीक्षा देने की मजबूरी झेलनी पड़ेगी।


पेपर लीक का मामला और जांच

इंजीनियरिंग फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा 20 मई से तीन जून तक चली थी। इसी बीच कुछ पेपर लीक हो गए, लेकिन परीक्षा सेल और शिक्षकों को इसका पता नहीं चला। बाद में इंजीनियरिंग के छात्रों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कुलपति को संबोधित पत्र दिया। इसके बाद डीन डॉ. एसएस गुप्ता ने डॉ. लोकेश वार्ष्णेय की अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई। समिति ने करीब दो सप्ताह पहले रिपोर्ट सौंप दी। संदेह के आधार पर दो अनुबंध कर्मियों को सेवा से हटा दिया गया।


आरोपितों का नाम गायब, कार्रवाई अधूरी

जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बावजूद मुख्य आरोपितों के नाम सामने नहीं आए हैं। विवि में यह खबर फैलते ही शिक्षक और जिम्मेदार बचते दिखे। चर्चा है कि लीक हुए पेपर कुछ छात्रों को नगद और कुछ को ऑनलाइन दिए गए। हालांकि यह जांच का मामला है, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। पेपर लीक का मामला अब छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का विषय बन गया है। वहीं कुलपति का कहना है कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है, जिससे और सवाल उठ रहे हैं।


परीक्षा रद्द, दोबारा परीक्षा देना पड़ेगा

पेपर लीक की शिकायत के आधार पर परीक्षा नियंत्रक ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग के द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ वर्ष की कम्पार्टमेंट परीक्षाएँ रद्द कर दी हैं। डीन, टेक्नोलॉजी को नई परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे इंजीनियरिंग के कई छात्र, जिन्होंने परिणाम देख लिया और आगे बढ़ चुके थे, अब दोबारा परीक्षा देंगे। विश्वविद्यालय में इस घटना को लेकर चर्चा गर्म है। कुलपति से जानकारी लेने पर उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, जिससे स्थिति और पेचीदा हो गई है।