Hindi News

उत्तराखंड SIR: निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला, सभी बीएलओ को मिलेगा मोबाइल रिचार्ज भत्ता, 8 जून से शुरू होगा घर-घर गणना अभियान

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
उत्तराखंड में निर्वाचन आयोग ने विशेष पहल करते हुए सभी 11733 बीएलओ को मोबाइल डाटा रिचार्ज के लिए ₹350 देने का निर्णय लिया है, ताकि एसआईआर प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को गति देने और बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के कार्य को सुगम बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। आयोग ने प्रदेश के उन सभी 11733 बीएलओ को मोबाइल डाटा रिचार्ज के लिए ₹350 का भुगतान करने का निर्णय लिया है, जो इस महत्वपूर्ण कार्य में जुटे हुए हैं। यह कदम मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी वी आर सी पुरुषोत्तम की विशेष पहल पर उठाया गया है, जिसके संबंध में आवश्यक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

यह धनराशि विशेष रूप से एक माह के मोबाइल रिचार्ज प्लान के लिए दी जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी वी आर सी पुरुषोत्तम ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में एसआईआर (स्पेशल समरी रिवीजन) की प्रक्रिया विधिवत रूप से प्रारंभ हो चुकी है। इस अभियान के तहत, बीएलओ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए 8 जून से लेकर 7 जुलाई तक मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना फॉर्म वितरित करेंगे। यह एक माह का चरण मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

बीएलओ ऐप से होगा फॉर्म का डिजिटलीकरण

इस एक माह के सघन अभियान के दौरान, बीएलओ द्वारा मतदाताओं से प्राप्त किए गए भरे हुए गणना फॉर्म्स को “बीएलओ ऐप” के माध्यम से डिजिटलाइज किया जाएगा। यह डिजिटलीकरण प्रक्रिया अभियान का एक अभिन्न अंग है, जो डेटा को तेजी से और सटीक रूप से निर्वाचन आयोग तक पहुंचाने में मदद करती है। इस पूरी प्रक्रिया में, बीएलओ को निरंतर मोबाइल डाटा कनेक्टिविटी की आवश्यकता होगी। निर्वाचन आयोग ने इस बात को गंभीरता से लिया है कि फील्ड में कार्यरत बीएलओ को मोबाइल डाटा प्लान की कमी के कारण उनके कार्य में किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, बीएलओ को मोबाइल रिचार्ज हेतु धनराशि देने का निर्णय लिया गया है, ताकि वे बिना किसी व्यवधान के अपने डिजिटल कार्यों को संपन्न कर सकें।

यह भुगतान सुनिश्चित करेगा कि बीएलओ ऐप का उपयोग करते समय उन्हें किसी भी प्रकार की तकनीकी या कनेक्टिविटी संबंधी समस्या का सामना न करना पड़े। निर्वाचन आयोग का यह निर्णय बीएलओ के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से पालन करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य एक शुद्ध, अद्यतन और समावेशी मतदाता सूची तैयार करना है, जो आगामी चुनावों की निष्पक्षता और पारदर्शिता की नींव रखती है।

निर्वाचन आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी 11733 बीएलओ को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। यह पहल न केवल बीएलओ के लिए एक सुविधा है, बल्कि यह निर्वाचन आयोग की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है, जिसके तहत वह अपने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने और डिजिटल इंडिया पहल के तहत प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रयासरत है। डॉ. पुरुषोत्तम की इस दूरदर्शी पहल से उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया को गति मिलेगी और मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाया जा सकेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि लोकतंत्र का आधार, यानी मतदाता सूची, नवीनतम और त्रुटिरहित हो।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
Follow Us :GoogleNews