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उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में लिए गए बड़े फैसले, पूर्व सैनिकों के लिए वीर उद्यमी योजना को मंजूरी, पुलिस भर्ती नियम में किया गया बदलाव

Written by:Banshika Sharma
Published:
उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार के लिए 'उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना' शुरू करने, पुलिस भर्ती के नियमों में तीन साल की छूट देने और राज्य योजना आयोग की जगह 'सेतु' आयोग के गठन को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर युवाओं, पूर्व सैनिकों और राज्य के किसानों पर पड़ेगा।
उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में लिए गए बड़े फैसले, पूर्व सैनिकों के लिए वीर उद्यमी योजना को मंजूरी, पुलिस भर्ती नियम में किया गया बदलाव

उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के विकास और विभिन्न वर्गों के कल्याण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है। कैबिनेट की बैठक में कुल 15 बड़े फैसले लिए गए, जिनमें सबसे प्रमुख पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए एक नई स्वरोजगार योजना की शुरुआत, पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी राहत और प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं।

बैठक में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के पूरक के तौर पर ‘उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना 2026’ को मंजूरी दी गई। इसका मुख्य उद्देश्य सेना से लौटे जवानों और अग्निवीरों को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना है।

पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए ‘वीर उद्यमी योजना’

कैबिनेट ने उद्योग विभाग द्वारा प्रस्तावित ‘उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना’ को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के कुल लक्ष्य का 10 प्रतिशत पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित रखा जाएगा।

योजना की खास बात यह है कि इसमें सब्सिडी का प्रावधान भी किया गया है।

  • पर्वतीय क्षेत्रों में: 2 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट पर 30%, 2 से 10 लाख पर 25% और 10 से 25 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट पर 30% सब्सिडी मिलेगी।
  • मैदानी क्षेत्रों में: 2 लाख तक 25%, 2 से 10 लाख पर 20% और 10 से 25 लाख रुपये पर 15% की सब्सिडी दी जाएगी।

इसके अलावा, यदि परिवार में पति-पत्नी दोनों ही पूर्व सैनिक या पूर्व अग्निवीर हैं, तो दोनों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा और उन्हें 5 प्रतिशत की अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जाएगी।

पुलिस भर्ती में युवाओं को बड़ी राहत, पुराने नियम रहेंगे लागू

कैबिनेट ने वर्दीधारी पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को एक बड़ी राहत दी है। कार्मिक विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, पुलिस, पीएसी, आईआईआरबी, और वन दरोगा जैसे पदों की सीधी भर्ती के लिए 2023 में बनाई गई एकीकृत नियमावली में कुछ बदलाव किए गए थे, जिससे आयु सीमा और ऊंचाई के मानकों में परिवर्तन हुआ था।

युवाओं की चिंताओं को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि आगामी तीन वर्षों तक भर्ती प्रक्रिया में पुरानी नियमावली के तहत निर्धारित आयु और ऊंचाई के मानक ही लागू रहेंगे। इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

प्रशासनिक और न्यायिक सुधारों पर भी मुहर

राज्य में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट ने राज्य योजना आयोग को समाप्त कर उसकी जगह ‘सेतु’ (State Institute for Empowering and Transforming Uttarakhand) आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। सेतु आयोग के कार्यक्षेत्र और संगठनात्मक ढांचे का भी अनुमोदन कर दिया गया है।

इसके अलावा, न्यायिक और गृह विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए:

  • न्यायिक अधिकारियों को सॉफ्ट लोन: राज्य के न्यायिक अधिकारियों को वाहन खरीदने के लिए 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन मिलेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ब्याज दर 4% और अन्य वाहनों के लिए 5% होगी।
  • संपत्ति वसूली अधिनियम: 2025 में बनाए गए उत्तराखंड लोक और निजी संपत्ति वसूली अधिनियम की नियमावली को लागू करने की अनुमति दी गई।
  • होमगार्ड्स नियमावली: होमगार्ड्स समूह ‘क’ एवं ‘ख’ सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी मिली, जिससे अधिकारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है।
  • पुलिस ट्रेनिंग: भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद पुलिसकर्मियों को कंप्यूटर आधारित जांच और डिजिटाइजेशन की ट्रेनिंग देने के लिए NIELIT के विशेषज्ञों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई।

किसानों और ऊर्जा उपभोक्ताओं के हित में फैसले

कैबिनेट ने किसानों के हित में गेहूं खरीद को लेकर भी अहम फैसला लिया है। रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति कुंतल अनुमोदित किया गया है। सरकार ने राज्य के किसानों से 2.2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, गेहूं और धान की खरीद पर मंडी शुल्क 2 प्रतिशत ही रखने का निर्णय लिया गया है।

वहीं, ऊर्जा विभाग की ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत जिन उपभोक्ताओं ने 31 मार्च, 2025 तक अपने संयंत्र लगा लिए थे, उन्हें राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ देने की भी अनुमति प्रदान की गई, जिसे पहले समाप्त कर दिया गया था।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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