देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में कर्मचारियों, स्वास्थ्य, सहकारिता, ऊर्जा, परिवहन और शहरी विकास से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सरकार ने उपनल कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से समान कार्य के लिए समान वेतन देने का रास्ता साफ किया है। इसके साथ ही सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए अलग प्रकोष्ठ बनाने, राज्य की नई सहकारिता नीति लागू करने और 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट बिजली खरीदने सहित कुल 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने शहीद सैनिकों के सम्मान में उनकी मूर्तियां पैतृक गांवों में स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।
उपनल कर्मियों को तीन चरणों में समान काम-समान वेतन
कैबिनेट का बड़ा फैसला उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को लेकर हुआ। समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ तीन चरणों में दिया जाएगा। पहले चरण में 1 जनवरी 2016 से पहले से नियोजित कर्मचारियों के संबंध में कार्रवाई चल रही है।
दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियोजित कर्मचारियों पर विचार किया जाएगा और इसकी प्रक्रिया 9 नवंबर 2026 से शुरू होगी। तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियोजित कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन की कार्रवाई 1 अप्रैल 2027 से शुरू की जाएगी।
उपनल कर्मचारियों की सेवा में दिए गए कृत्रिम ब्रेक को लेकर भी राहत दी गई है। 1 जनवरी 2016 से पहले से कार्यरत और वर्तमान में सेवा दे रहे कर्मचारियों के लिए निरंतर नियोजन से जुड़ी शर्त हटाने पर सहमति दी गई है। स्वीकृत पदों से ज्यादा कर्मचारी होने की स्थिति में नियुक्ति की तारीख के आधार पर वरिष्ठता तय करते हुए समायोजन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अधिसंख्य पदों के सृजन या समायोजन के लिए शासन स्तर पर अलग व्यवस्था बनाई जाएगी।
उत्तराखंड की अपनी सहकारिता नीति
कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति 2026 को भी मंजूरी दी है। इसे राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 के अनुरूप तैयार किया गया है। नई नीति के जरिए सहकारी संस्थाओं को तकनीक सक्षम, पारदर्शी, जवाबदेह और व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर रहेगा। कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में वैल्यू चेन विकसित करने के साथ महिला एवं युवा सशक्तिकरण, रोजगार, वित्तीय समावेशन और पलायन के बाद पुनर्वास को भी इससे जोड़ा जाएगा।
नीति के तहत सात रणनीतिक मिशन निर्धारित किए गए हैं, जिनमें सहकारिता की नींव मजबूत करने से लेकर नए क्षेत्रों में विस्तार और युवा पीढ़ी को सहकारी विकास से जोड़ना शामिल है।
अग्निवीरों के लिए बनेगा अलग प्रकोष्ठ
सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए राज्य सरकार एक समर्पित प्रकोष्ठ बनाएगी। इसके लिए छह संविदा पदों के सृजन को मंजूरी मिली है। इनमें एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल होंगे। इस सेल के जरिए सेवामुक्त अग्निवीरों से जुड़े विषयों और उन्हें राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के काम को एक जगह से संचालित किया जाएगा।
25 साल के लिए अडानी पावर से बिजली खरीदेगा उत्तराखंड
प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए कैबिनेट ने 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। न्यूनतम बोलीदाता अडानी पावर लिमिटेड से 5.746 रुपये प्रति यूनिट के कुल टैरिफ पर 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट बिजली खरीदी जाएगी। अनुबंधित क्षमता 1234 मेगावाट होगी। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन को बिजली आपूर्ति समझौते सहित संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने और उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग से आवश्यक वैधानिक मंजूरियां लेने के लिए अधिकृत किया गया है।
CNG और हाइब्रिड वाहनों को मिलने वाली राहत में बदलाव
कैबिनेट ने वाहनों पर ग्रीन सेस से जुड़े प्रस्ताव पर भी फैसला लिया। राज्य में हाइब्रिड और CNG वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए दी जा रही कर संबंधी छूट से राजस्व पर पड़ रहे असर को देखते हुए इन्हें क्रमबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाने की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में दो बड़े फैसले
दवाओं, सर्जिकल सामग्री, केमिकल, मेडिकल उपकरण और इंप्लांट की समय पर और पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन के गठन पर कैबिनेट ने सहमति दे दी है। इसके साथ ही उत्तराखंड में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र यानी NCDC की शाखा स्थापित करने का रास्ता भी साफ हो गया है। इसके लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार की 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ जमीन NCDC को 99 साल के लिए एक रुपये की लीज पर देने की मंजूरी दी गई है। प्रस्ताव के अनुसार यहां BSL-3 स्तर की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे रोग निगरानी, महामारी की जांच और प्रकोप की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की क्षमता बढ़ाई जा सकेगी।
सरकारी कर्मचारियों के Pay Matrix में संशोधन
उत्तराखंड सरकारी सेवक वेतन नियम 2016 के Pay Matrix में भी संशोधन होगा। 1,44,200 से 2,18,200 रुपये के वेतनमान के लिए Level-15 के स्थान पर Level-14 और 1,82,200 से 2,24,100 रुपये के वेतनमान के लिए Level-16 के स्थान पर Level-15 माना जाएगा। विभागीय सेवा नियमावलियों और पद संरचनाओं में भी इसी अनुरूप बदलाव होगा।
शहीद सैनिकों की पैतृक गांवों में लगेंगी मूर्तियां
कैबिनेट ने प्रदेश के शहीद सैनिकों के सम्मान में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उत्तराखंड के शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य शहीदों के बलिदान की स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करना है।
85 कर्मचारियों को दूसरे विभागों में भेजने का रास्ता साफ
उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में कार्यरत तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 85 कर्मचारियों को दूसरे विभागों में सेवा स्थानांतरण के आधार पर भेजने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। इनमें तृतीय श्रेणी के 22 और चतुर्थ श्रेणी के 63 कर्मचारी हैं। इन्हें ऊधमसिंहनगर और आसपास के जिलों के विभागों में अधिकतम 10 वर्ष या सेवानिवृत्ति से तीन महीने पहले तक, जो भी पहले हो, सेवा स्थानांतरण पर भेजा जा सकेगा।
रिस्पना किनारे रहने वाले परिवारों को काठबंगला में आवास
रिस्पना नदी किनारे मलिन बस्ती में रहने वाले चयनित परिवारों के पुनर्वास का रास्ता भी साफ हो गया है। काठबंगला में तैयार 116 आवास नगर निगम देहरादून द्वारा चयनित लाभार्थियों को आवंटित किए जाएंगे। इसके अलावा शहरी भूमि रिकॉर्ड के आधुनिक सर्वेक्षण के लिए उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली 2026, लोकायुक्त के अध्यक्ष एवं सदस्यों के चयन से जुड़ी Search Committee की कार्यप्रणाली निर्धारित करने वाली नियमावली और कारागार विभाग में उप कारापाल के पदों पर पदोन्नति व्यवस्था में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है।
शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं के संचालन के लिए UUSDA के ढांचे का पुनर्गठन करते हुए 94 अस्थायी पदों के सृजन पर भी सहमति दी गई। वहीं ऋषिकेश में कैंसर रोगियों के लिए Hospice Care Center स्थापित करने के उद्देश्य से अंत्योदय फाउंडेशन के पक्ष में होने वाली Gift Deed पर 8,87,050 रुपये की स्टाम्प ड्यूटी में छूट देने का फैसला भी कैबिनेट के अहम निर्णयों में शामिल रहा।





