देहरादून: रंगों के त्योहार होली के आगमन पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को अपनी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने जारी एक संदेश में उन्होंने इस पर्व को न केवल उल्लास और उमंग का प्रतीक बताया, बल्कि इसे भारतीय सनातन संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर भी करार दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व हमें प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता है। हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया जाने वाला यह त्योहार सामाजिक समरसता तथा एकता की भावना को भी सुदृढ़ करने का काम करता है।
सांस्कृतिक विरासत का जीवंत स्वरूप
मुख्यमंत्री धामी ने होली के गहरे सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार सिर्फ रंगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध लोक-संस्कृति, शास्त्रीय संगीत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का भी प्रतिनिधित्व करता है। उनके अनुसार, होली के अवसर पर होने वाले विभिन्न आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनते हैं।
“होली केवल रंगों का ही त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, शास्त्रीय संगीत परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता की जीवंतता तथा हमारी सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है।”- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड
प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने भगवान बद्रीविशाल और बाबा केदार से प्रार्थना की। उन्होंने कामना की कि होली का यह पर्व प्रदेश में समृद्धि और उन्नति के नए रंग लेकर आए और सभी प्रदेशवासियों का जीवन सुख-शांति व सफलता से परिपूर्ण हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह त्योहार सबके जीवन को नई ऊर्जा और खुशियों से रंग देगा।





