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उत्तराखंड के 1,860 गांवों तक पहुंची सड़क, अब 309 और गांव जुड़ेंगे, पहाड़ों में 21,915 KM का नेटवर्क तैयार

PMGSY के पहले तीन चरणों में 11,595 करोड़ रुपये से बनीं 2,826 सड़कें, चौथे चरण के पहले चक्र में 1,228 KM की 184 नई सड़कों पर काम
Road connectivity Uttarakhand villages

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देहरादून। उत्तराखंड के दूरदराज पहाड़ी इलाकों में सड़क का दायरा लगातार बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत अब तक 21,915 किलोमीटर लंबी 2,826 सड़कें बन चुकी हैं, जिनसे 1,860 गांव जुड़े हैं। अब 309 और गांवों तक सड़क पहुंचाने का काम शुरू हो गया है।

पहले तीन चरणों में बनी इन सड़कों पर 11,595 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। अब चौथे चरण में उन गांवों को सड़क से जोड़ने की तैयारी है, जहां आज भी लोगों को आवाजाही में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

309 गांवों के लिए बन रहीं 184 सड़कें

PMGSY-4 के पहले चक्र में 1,228.20 किलोमीटर लंबी 184 सड़कें बनाई जा रही हैं। इन पर करीब 1,707 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन सड़कों से सबसे ज्यादा पौड़ी गढ़वाल के 68 गांव जुड़ेंगे। अल्मोड़ा और टिहरी के 47-47, बागेश्वर के 35 और पिथौरागढ़ के 25 गांव भी इसमें शामिल हैं। नैनीताल और उत्तरकाशी के 24-24, चमोली के 17, देहरादून और रुद्रप्रयाग के 10-10 और हरिद्वार के 2 गांवों तक भी सड़क पहुंचेगी।

आगे सभी 13 जिलों तक बढ़ेगा नेटवर्क

पहले चक्र के 309 गांवों के बाद PMGSY-4 का काम प्रदेश के सभी 13 जिलों में आगे बढ़ेगा। चौथे चरण में कुल 9,344 किलोमीटर सड़कें बनाने की योजना है। सबसे ज्यादा 1,819.6 किलोमीटर सड़क पिथौरागढ़ में प्रस्तावित है। अल्मोड़ा में 1,395.5 किलोमीटर और पौड़ी में 1,227.8 किलोमीटर सड़कें बननी हैं। चमोली में 996.15 किलोमीटर और टिहरी में 941.5 किलोमीटर सड़क का प्लान है।

उत्तरकाशी में 721.99 किलोमीटर, बागेश्वर में 569.82 किलोमीटर, रुद्रप्रयाग में 469.2 किलोमीटर, नैनीताल में 399.55 किलोमीटर, देहरादून में 390 किलोमीटर और चंपावत में 387.3 किलोमीटर सड़क प्रस्तावित है। ऊधमसिंह नगर में 22.3 किलोमीटर और हरिद्वार में 3.1 किलोमीटर सड़क बनाई जानी है।

सड़क से आसान होगा गांव से शहर तक का सफर

नई सड़कों का सबसे सीधा असर दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों पर होगा। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों से लेकर इलाज के लिए अस्पताल जाने वाले मरीजों तक के लिए सफर आसान होगा। किसानों के लिए अपनी उपज बाजार तक पहुंचाना भी आसान होगा। वहीं सड़क पहुंचने से पहाड़ी इलाकों में पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय कारोबार के लिए भी नए रास्ते खुल सकते हैं।

CM धामी ने केंद्र के सामने रखा उत्तराखंड का मामला

राज्य सरकार के मुताबिक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने PMGSY के चौथे चरण में उत्तराखंड के ज्यादा गांवों और सड़कों को शामिल करने का मामला केंद्र सरकार के सामने लगातार रखा। इसके बाद चौथे चरण के पहले चक्र में 309 गांवों के लिए सड़कों को मंजूरी मिली है।

मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि सड़क पहुंचने से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों का सफर आसान हुआ है। इसके साथ खेती, पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी इसका फायदा मिल रहा है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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