विदिशा में 70 साल की महिला के साथ रेप के बाद हत्या, हैवानियत की सारी हदें पार

विदिशा में 70 साल की महिला के साथ रेप के बाद हत्या, हैवानियत की सारी हदें पार

विदिशा, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) के विदिशा (Vidisha) में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला से हैवानियत का मामला सामने आया है। ग्यारसपुर थाना के एक गांव में 70 वर्ष की वृद्धा के साथ रेप के बाद हत्या कर दी गई| आरोपियों ने दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए एक डंडे से महिला के गुप्तांगों को क्षतिग्रस्त किया गया। वह चिल्ला ना सके इसलिए उसके मुंह में मिट्टी भर दी गई।

जानकारी के मुताबिक, जिले के ग्यारसपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में बुजुर्ग महिला शव उसके ही खेत में मिला। अज्ञात हमलावरों ने सत्तर वर्षीय महिला के साथ दरिंदगी करने के बाद उसकी हत्या कर दी| महिला खेत पर सब्जियों की देखभाल करने के लिए गई थी| आज सुबह ग्रामीणों ने झाड़ियों में बिना कपड़ों के वृद्धा के शव को देखा तो पुलिस को सूचित किया।

सूचना के बाद ग्यारसपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, जांच पड़ताल के लिए एएसपी संजय साहू सहित एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। पुलिस को प्रारंभिक रूप से लग रहा है कि 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ दुष्कर्म कर हत्या की गई है। महिला के मुंह में मिटटी भरी हुई थी। बताया जा रहा है कि अज्ञात आरोपियों ने पीड़िता के मुंह में मिट्टी भर दी और उसके निजी अंगों पर लाठी से हमला किया| पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की जांच शुरू कर दी है|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews