8 साल के बच्चे ने पिता को ‘बेचने’ के लिए लगा दिया इश्तिहार, 2 लाख रूपये रखी कीमत

8 साल के बच्चे ने पिता को ‘बेचने’ के लिए लगा दिया इश्तिहार, 2 लाख रूपये रखी कीमत

Social Media Viral : घर में बच्चे हों तो लाड़ प्यार के साथ डांट डपट, रूठना मनाना भी चलता रहता है। बच्चों को चाहे जितना समझा लें, डांट लें लेकिन उनकी शरारतें खत्म नहीं होती। आखिर यही तो बचपन है। बच्चे जब बड़े हो जाते हैं तो उनके बचपन की मासूम शैतानियां, उनकी जिद, उनका गुस्सा और उनकी की गई नादानियां याद आती है। कुछ बातें तो इतनी मजेदार होती हैं, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

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अगर बड़े नाराज हों तो वो बच्चों पर कई तरह से गुस्सा उतार सकते हैं। कभी डांट देंगें, कभी कोई सजा दे देंगे या फिर एक्स्ट्रा पढ़ाई करने का टास्क। लेकिन गुस्सा तो बच्चों को भी आता ही है। मगर वो अपने पैरेंट्स को न तो डांट सकते हैं न ही कोई पनिशमेंट दे सकते हैं। ऐसे में उनका गुस्सा अलग अलग तरीकों से निकलता है। आज हम आपके लिए एक ऐसी ही तस्वीर लेकर आए हैं, जिसे देखकर पहले तो आपको यकीनन हंसी आएगी, लेकिन फिर ये सोचने पर मजबूर भी कर देगी।

‘फादर फॉर सेल’

इसे ट्विटर पर शेयर किया गया है @Malavtweets नाम के अकाउंट से। इसमें हमें एक फोटो दिख रही है जो घर के बाहर लगा एक बोर्ड है। बोर्ड पर लिखा है ‘फादर फॉर सेल’। इसमें किसी बच्चे ने अपने पिता से नाराज होकर लिख दिया है ‘बेचने के लिए पिता..2 लाख रुपये में। ज्यादा जानकारी के लिए बेल बजाएं।’ इस फोटो को उसके पिता ने ही शेयर किया है और लिखा है ‘एक छोटी सी असहमति के बाद 8 साल के बेटे ने हमारे अपार्टमेंट के दरवाजे के बाहर फादर फॉर सेल का नोटिस लगाने का फैसला किया। मुझे लगता है कि मेरी सही कीमत नहीं आंकी गई।’

इस पोस्ट पर लोग तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। जहां कई लोगों ने इसे मजेदार बताया है वहीं कुछ लोग इसे चिंताजनक भी करार दिया है। इनका कहना है कि बच्चे जब इस तरह की बातें करने लगे तो उनके मनोविज्ञान को समझने की जरुरत है और बात करने की भी। ये बात पूरी तरह सही है क्योंकि बच्चों का मन बहुत नाजुक होता है और उनके गुस्से को सही तरीके से बाहर निकलने की राह भी दिखाई जानी चाहिए। बताना चाहिए कि गुस्सा आने पर कैसे उसे प्रकट किया जाए और कैसे एंगर मैनेजमेंट किया जाए। ये बात सभी बच्चों और पैरेंट्स के लिए समान रूप से लागू होती है क्योंकि आज के भागमभाग वाले समय में बच्चों को समझना और समझाना दोनों बेहद जरुरी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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