‘दो चार दिना की छुट्टी दे देते, हम नई आए तो कोन सो तमाओ सकूल बंद हो जै’ पढ़िये ये मजेदार लीव एप्लीकेशन

‘दो चार दिना की छुट्टी दे देते, हम नई आए तो कोन सो तमाओ सकूल बंद हो जै’ पढ़िये ये मजेदार लीव एप्लीकेशन

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आपने भी कभी न कभी अपने दफ्तर से छुट्टी ली होगी। उसके लिए आवेदन भी दिया ही होगा। बचपन में स्कूल से छुट्टी लेने के लिए भी एप्लीकेशन लिखी होगी। स्कूल में भी सबसे पहले हमें लीव एप्लीकेशन लिखना ही सिखाया जाता है। स्कूल से छुट्टी के लिए आवेदन पत्र लिखने से लेकर दफ्तरी आवेदन तक..सबका एक फॉर्मेट होता है। एक तय भाषा शैली में ही हम छुट्टी के लिए आवेदन करते हैं, भले वो अंग्रेजी में हो या हिंदी में। क्योंकि ये आवेदन हमारे टीचर या उच्च अधिकारी के पास जाता है इसलिए शब्दों के चयन और कारण पर खास ध्यान होता है।

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लेकिन आज हम आपको एक ऐसी लीव एप्लीकेशन दिखाने जा रहे हैं, जिसके बारे में आप शायद कल्पना भी नहीं कर सकते। पहली बात तो ये बुंदेली भाषा में है, उसपर भी तुर्रा ये कि छात्र छुट्टी नहीं मांग रहे कोई एहसान कर रहे हो जैसे। इसमें लिखा हैं ‘श्रीमान मास्सब, माध्मिक पाठशाला बुंदेलखंड। माहानुभव..तो मस्साब ऐसो है कि दो दिना से चड़ रओ है जो बुखार और उपर से जा नाक बह रई सो अलग। जई के मारे हम सकूल नई आ पाहे सो तमाए पाऊ पर के निवेदन आए कि दो-चार दिना की छुट्टी दे देते, तो बडो अछ्छो रहतो और हम नई आए तो कोन सो तमाओ सकूल बंद हो जै। तुमाओ आग्याकारी शिष्य, कलुआ।’

ये आवेदन पत्र आईएएस अर्पित वर्मा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है और ये तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग इसे पढ़कर खूब हंस रहे हैं और तरह तरह के कमेंट्स भी कर रहे है। एक यूजर ने लिखा है ‘कलुआ सही कह रओ है,ऊके ना आये से कौन स्कूल बंद हो जे है’ वहीं दूसरा लिख रहा है ‘कलुआ जैसा तो दूसरा शिष्य नहीं मिलेगा।’ इस पोस्ट को अब तक 9 हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं और कई व्यूज मिल चुके हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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