Social Media Viral : इस रेस्टॉरेंट ने अपने कस्टमर्स को दी वॉर्निंग ‘खाना तीखा लगा तो रिफंड नहीं होंगे पैसे’

Indian Food

Social Media Viral : भारतीय भोजन स्वादिष्ट तो बेहद होता है लेकिन यहां मिर्च मसालों का भी काफी प्रयोग किया जाता है। हमारे यहां कई स्थानों पर तीखा मसालेदार खाना पसंद किया जाता है, लेकिन अगर कोई विदशी मेहमान आ जाएं तो उनके लिए खासतौर पर कम मिर्च मसालों वाला भोजन बनाया जाता है। बाहरी देशों में ज्यादातर मिर्च मसालो का इतना प्रयोग नहीं होता है इसीलिए उन्हें इस तरह के मसालेदार खाने की आदत नहीं होती है।

सोशल मीडिया वायरल

आजकल कई स्थानों पर खाने को लेकर भी रिफंड की सुविधा मिलने लगी है। इसके तहत कोई वस्तु या सर्विस पसंद न आने पर पैसे वापस दिए जाते हैं। लेकिन इसके लिए अलग अलग तरह की शर्तें भी लागू होती है। ऑनलाइन खाना मंगवाने पर भी कुछ रेस्टॉरेंट खराब क्वालिटी या कुछ और वजहों को लेकर रिफंड पॉलिसी रखते हैं। लेकिन अगर किसी को भोजन ज्यादा मसाले वाला और तीखा लगे तो पैसे वापस किए जाएंगे या नहीं ? खासकर विदेशियों को, क्योंकि वो अक्सर ही भारतीय भोजन के स्वाद की तो तारीफ करते हैं लेकिन उसके तीखेपन से परेशान नजर आते है। इसी बात को लेकर एक रेस्टॉरेंट ने अपनी पॉलिसी एकदम क्लियर बता दी है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

नहीं होंगे पैसे रिफंड

‘X’ पर एक ट्वीट वायरल हो रहा है जिसमें ये वॉर्निंग दी गई है। इसमें साफ लिखा है कि ‘यदि आप मसालेदार खाना ऑर्डर करते हैं और उसे संभाल नहीं पाते हैं तो हम अब रिफंड जारी नहीं करेंगे।’ NoContextBrits नाम के एक्स हैंडल से ये ट्वीट शेयर हुआ है और इसे ‘ ‘स्पाइस लेवल वार्निंग. स्तर 0-5’ बताया गया है। इस तरह इस रेस्टॉरेंट ने अपने यहां आने वाले ग्राहकों जिसमें खास तौर पर विदेशी लोग शामिल हैं, उन्हें पहले ही खबरदार कर दिया है कि वो अपनी रिस्क पर खाना ऑर्डर करें क्योंकि उन्हें इसका कोई रिफंड नहीं मिलने वाला है। ये ट्वीट अप वायरल हो रहा है और लोग इसपर कई तरह के मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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