Viral Video : बरगद की छांव में 40 साल पुरानी चाय की दुकान, आनंद महिंद्रा ने शेयर किया वीडियो

Viral Video : बरगद की छांव में 40 साल पुरानी चाय की दुकान, आनंद महिंद्रा ने शेयर किया वीडियो

Viral Video : चाय के शौकीन जानते हैं कि एक बढ़िया कप चाय की कीमत क्या होती है। शायद यही वजह है कि लोग अपने पसंद की चाय पीने दूर दूर तक चले जाते हैं। आज के दौर में एक से एक चाय के नए ठिकाने बन गए हैं। शहरों से लेकर गांवों तक ‘टी कैफे’ ‘टी पार्लर’ ‘टी बार’ जैसी फैंसी जगहें खुल गई हैं। यहां आपको एक से बढ़कर एक स्वाद वाली चाय मिल जाएगी।

लेकिन इन सबके बीच हम आपको थोड़े पुराने दौर में ले चलते हैं। एक विशाल पेड़ और उसकी छांव में चाय का ठिया। ये हमने कहीं न कहीं जरुर देखा होगा। ऐसी जगहों की चाय का स्वाद ही कुछ ऐसा होता है। और ऐसा ही एक स्वाद है अमृतसर में। यहां एक विशाल बरगद का पेड़ है जो कई साल पुराना है। यहां 80 साल के एक बुजुर्ग शख्स पिछले 40 साल से चाय बनाकर पिला रहे हैं। उस बरगद के पेड़ के बीच में आज भी भट्टी पर ये चाय बनाते हैं और लोगों को पिलाते हैं।

स्थानीय निवासी बताते हैं कि इनक नाम अजीत सिंह है लेकिन बहुत कम लोग इनका असली नाम जानते हैं। लोग इन्हें ‘बाबा’ कहकर पुकारते हैं। रुपये पैसे से भी इन्हें कोई मोह नहीं है। कई बार लोग आते हैं, चाय पीते हैं और बिना पैसे दिए चले जाते हैं। लेकिन वो कभी पैसे नहीं मांगते। इनका कहना है कि वो सेवा कर रहे हैं और कोई पैसे नहीं भी देता है तो कोई फर्क नहीं पड़ता। मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने इनका वीडियो शेयर किया है और कहा है कि ‘अमृतसर में देखने लायक बहुत सारे दर्शनीय स्थल हैं। लेकिन अगली बार जब मैं शहर का दौरा करूंगा, तो स्वर्ण मंदिर के दर्शन के अलावा, मैं इस ‘चाय सेवा के मंदिर’ का दौरा करने का भी ध्यान रखूंगा जिसे बाबा ने जाहिर तौर पर 40 वर्षों से अधिक समय से चलाया है। हमारा हृदय संभावित रूप से सबसे बड़ा मंदिर है।’ इस वीडियो को लोग खूब पसंद कर रहे हैं और अब तक दस लाख से ज्यादा लोग इसे देख चुके हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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