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जमीन सीमांकन रिपोर्ट के बदले पटवारी ने किसान से ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

Reported by:Gaurav Sarvariya|Edited by:Atul Saxena
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लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को कार्रवाई की योजना बनाई। इसके तहत बड़ौद तहसील कार्यालय स्थित पटवारी कार्यालय में जाल बिछाया गया। शिकायतकर्ता द्वारा पटवारी राजकुमार चौहान को 5 हजार रुपए देते ही लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
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जमीन सीमांकन रिपोर्ट के बदले पटवारी ने किसान से ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

Lokayukta police Ujjain arrested Patwari taking bribe

आगर मालवा जिले की बड़ौद तहसील कार्यालय में पदस्थ एक पटवारी को लोकायुक्त पुलिस उज्जैन की टीम ने 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पटवारी एक किसान से सीमांकन रिपोर्ट देने के एवज में रिश्वत ले रहा था।

लोकायुक्त एसपी कार्यालय उज्जैन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम झलारा निवासी पाल सिंह परिहार ने 1 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार यादव से शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि हल्का नंबर-08 के पटवारी राजकुमार चौहान ने भूमि सीमांकन के लिए 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी है।

15 हजार रुपये पहले ही ले चुका था  

परिहार ने अपनी शिकायत में बताया कि पटवारी राजकुमार चौहान पहले ही 15 हजार रुपए ले चुका था और सीमांकन का कार्य भी पूरा कर दिया था। हालांकि, सीमांकन रिपोर्ट सौंपने के लिए वह अतिरिक्त 5 हजार रुपए की मांग कर रहा था।

तहसील कार्यालय में रंगे हाथ दबोचा पटवारी 

शिकायत के सत्यापन के लिए पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षक दीपक सेजवार को जिम्मेदारी सौंपी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को कार्रवाई की योजना बनाई। इसके तहत बड़ौद तहसील कार्यालय स्थित पटवारी कार्यालय में जाल बिछाया गया। शिकायतकर्ता द्वारा पटवारी राजकुमार चौहान को 5 हजार रुपए देते ही लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

पटवारी के विरुद्ध मामला दर्ज 

इस कार्रवाई का नेतृत्व डीएसपी राजेश पाठक ने किया। टीम में निरीक्षक दीपक सेजवार के साथ शिवकुमार शर्मा, अनिल, श्याम शर्मा, संजीव, रमेश डाबर और अन्य सदस्य शामिल थे। लोकायुक्त ने आरोपी पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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