Ajab Gajab: यहां के लोग खाने में मसाले की जगह मिट्टी का करते हैं इस्तेमाल, स्वाद में होता है लाजवाब

Ajab Gajab: यहां के लोग खाने में मसाले की जगह मिट्टी का करते हैं इस्तेमाल, स्वाद में होता है लाजवाब

Ajab Gajab : इस दुनिया में हमें हर दिन एक-से-बढ़कर-एक बातें सुनने को मिलती है जोकि सुनने में काफी ज्यादा अजीब होता है।अक्सर हमने यही सुना है कि किसी भी खाने को लाजवाब और स्वादिष्ट बनाने के लिए लोग विभिन्न प्रकार के मसालों का प्रयोग करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी किसी को यह कहते हुए सुना है कि वह खाने में मसाले की जगह मिट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं। जी हां, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस दुनिया में एक ऐसी भी जगह है, जहां के लोग मिट्टी खाते हैं।

होर्मुज आईलैंड

दरअसल, हम बात कर रहे हैं ईरान के होर्मुज आईलैंड की। यहां के लोग खाने में मसाले का इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि पहाड़ों की मिट्टी को मसाले की तरह खाते हैं जोकि टेस्ट में काफी ज्यादा स्वादिष्ट बताई जाती है। इस आईलैंड को रेनबो आइलैंड भी कहा जाता है क्योंकि यहां कि पहाड़ियों पर पाई जाने वाली मिट्टी रंग-बिरंगी होती है।

पाए जाते हैं 70 तरह के खनीज

हालांकि, इस जगह के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है कि यहां के लोगों द्वारा पहाड़ों की मिट्टी खाई जाती है। केवल इतना ही नहीं, यहां घूमने आने वाले पर्यटक भी इस मिट्टी का स्वाद चखे बगैर वापस नहीं जाते। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, यहां पर 70 तरह के खनिज और मिनरल्स पाए जाते हैं जोकि शरीर के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माने जाते हैं। इसलिए यहां के लोग मसाले के रूप में यहां पाई जाने वाली मिट्टी खाते हैं।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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