
इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में आगामी दीपावली के त्योहार को लेकर जोरशोर से तैयारियां की जा रही हैं। ऐसे में पुलिस अवैध आतिशबाजी को लेकर सख्त है। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के सख्त निर्देशों के बाद अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री का भंडारण करने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है।
ताजा मामला बाणगंगा थाना क्षेत्र के ग्राम भौरासला से आया है जहां पुलिस ने दबिश देकर एक देकर घर के बाहर अवैध रूप से पटाखे बेच रहे एक आरोपी को दबोचा है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 लाख रुपये के अवैध पटाखे भी जब्त किये हैं।
अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण का खुलासा
बता दें कि बाणगंगा थाना पुलिस को अपने गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली थी कि ग्राम भौरासला के रहवासी इलाके में अमन सिंह जाधव नाम का एक व्यक्ति अपने घर से असुरक्षित और जोखिमपूर्ण तरीके से भारी मात्रा में अवैध पटाखे और विस्फोटक सामग्री भंडारित कर बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुये ग्राम भौरासला की एक गली में स्थित संबंधित मकान पर दबिश दी।
आरोपी के पास नहीं मिला पटाखे बेचने का लाइसेंस
पुलिस ने देखा कि एक व्यक्ति घर के बाहर विस्फोटक सामग्री और पटाखों की दुकान सजाकर ग्राहकों को पटाखे बेचते रहा था। इसके बाद पुलिस ने जब उससे विस्फोटक सामग्री के भंडारण और खरीदने-बेचने से संबंधित वैध लाइसेंस के बारे में पूछताछ की। पुलिस ने पाया कि आरोपी के पास कोई भी दस्तावेज नहीं है और उसने लाइसेंस न होना स्वीकार किया।
पुलिस ने करीब 1 लाख रुपये के पटाखे किए जब्त
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से सभी अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री को किया जब्त किया। जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई गई है। आरोपी की पहचान अमन सिंह जाधव पिता जीवन सिंह जाधव निवासी ग्राम भौरासला के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
गौरतलब है कि इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आगामी दीपावली पर्व के मद्देनजर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना किसी वैध लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के असुरक्षित रूप से अवैध पटाखों व विस्फोटक सामग्री का निर्माण, भंडारण और क्रय-विक्रय करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए। पुलिस कमिश्नरेट के निर्देश पर पुलिस की टीमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं।
इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट
7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.
