दुनिया का चौथा सबसे छोटा देश तुवालु, यहां है सिर्फ एक बैंक, इंटरनेट डोमेन से होती है कमाई

दुनिया में अलग अलग देश मौजूद हैं, जिन्हें अपनी खासियतों की वजह से पहचाना जाता है। चलिए आज चौथे सबसे छोटा देश के बारे में जान लेते हैं।
Tuvalu

दुनिया में एक से बढ़कर एक स्थान मौजूद हैं, जिन्हें अपनी खासियतों की वजह से पहचाना जाता है। कोई जगह किसी पर्यटक स्थल की वजह से पहचानी जाती है, तो किसी की प्राकृतिक सुंदरता उसे लोगों के बीच प्रसिद्ध बनाने का काम करती है। आज हम आपको एक ऐसी ही अनोखी जगह तुवालु के बारे में बताते हैं।

यह एक ऐसी जगह है जो दुनिया का चौथा सबसे छोटा देश है। छोटा होना तो इसकी खासियत है ही लेकिन उसके अलावा यहां पर कुछ ऐसी रोचक चीज भी हैं जो किसी को भी हैरान कर देगी। आपको आश्चर्य होगा लेकिन यहां पर सिर्फ एक ही बैंक है और लोग इंटरनेट डोमेन से कमाई करते हैं।

यहां है सिर्फ एक बैंक

बैंक आम आदमी के जीवन से जुड़ी हुई एक ऐसी सुविधा है। जिसके बिना जीवन की कल्पना कर पाना मुश्किल है। भारत के अलग-अलग शहरों में नहीं बल्कि गांव में भी बैंकों की कई सारी शाखाएं आजकल मिल जाती है। तुवालु एक ऐसी जगह है जहां पर एक ही बैंक है। इसके अलावा इस देश में कोई एटीएम भी नहीं है क्योंकि यहां का बैंक सारे काम नगद में करता है।

कहां है तुवालु (Tuvalu)

तुवालु एक द्वीपीय देश है जो दक्षिण प्रशांत महासागर में मौजूद है। यहां पर नेशनल बैंक ऑफ तुवालु मौजूद है जो यहां की 11 से 12000 की आबादी के लिए लेनदेन का मुख्य जरिया है। इसके अलावा यह देश इंटरनेट डोमेन से अपनी सारी कमाई करता है। यहां के डोमेन TV की दुनिया भर में मांग है।

इंटरनेट डोमेन से होती है कमाई

तुवालु में जो इंटरनेट डोमेन मिलते हैं वह यहां का मुख्य कमाई का जरिया है। यहां की अर्थव्यवस्था डोमेन के साथ मछली पकड़ने और विदेशी सहायता से होने वाली आय पर निर्भर करती है। यहां का डोमेन tv टेलीविजन से जुड़ा हुआ है। इनफ्लुएंसर, मीडिया और स्ट्रीमिंग कंपनियों के बीच ये बहुत फेमस है। जानकारी के मुताबिक इस डोमेन की बिक्री से यह देश साल भर में 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर कमा लेता है।

यहां चलता है ऑट्रेलियाई डॉलर

इस देश में जो बैंक है उसे 1980 में बार्कलेज बैंक की सहायक कंपनी के रूप में शुरू किया गया था। यहां पर ऑस्ट्रेलिया डॉलर मुख्य मुद्रा के रूप में उपयोग किया जाता है। इस देश का अपना सिक्का भी है।

जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर

फ़ुनाफूती यहां की राजधानी है। यह एक ऐसा देश है जो जलवायु परिवर्तन से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। समुद्र तल से यहां की ऊंचाई केवल 2 मीटर है। बढ़ते हुए जलस्तर की वजह से उसका अस्तित्व संकट में है।

Diksha Bhanupriy
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Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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