Weird Marriage Tradition: यहां व्हेल के दांत से तय होती है शादी, लड़के को निभानी पड़ती है अजीबोगरीब रस्म

Weird Marriage Tradition

Weird Marriage Tradition : अभिभावकों को अक्सर उनके बच्चों की शादी के बारे में चिंता होती है। इसका कारण है कि शादी एक बड़ा समाजिक और पारिवारिक उत्सव होता है जिसमें अधिकतर लोगों को बुलाया जाता है और अधिकतर खर्च होते हैं। इसलिए लोग अपने बच्चों की शादी की आयोजन के लिए समय से पहले तैयारी शुरू करते हैं। भारत में शादी के नियम और रिवाज भिन्न-भिन्न होते हैं और इनका पालन भी विभिन्न होता है। जैसे कि उत्तर भारत में शादी में बड़े पैमाने पर खर्च किए जाते हैं जबकि दक्षिण भारत में शादी के रस्म और रिवाज थोड़े सरल होते हैं। इसके अलावा, भारत में धर्म, जाति और क्षेत्र के आधार पर भी शादी के नियम और रिवाज भिन्न-भिन्न होते हैं लेकिन दुनिया के हर देशों में अलग-अलग परंपराओं से शादी होती है।

इस देश की अजीब परंपरा

शादी से जुड़े रिवाज विभिन्न देशों और संस्कृतियों में भिन्न होते हैं लेकिन अधिकतर देशों में शादी बहुत अहम मानी जाती है और शादी सम्बन्धित रिवाजों को पूरा किए बिना शादी मानी नहीं जाती है। तो चलिए आज के आर्टिकल में हम आपको एक ऐसे देश की परंपरा से रूबरू करवाते हैं, जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे कि क्या ऐसी परंपरा भी हो सकती है… दरअसल, हम आपको फिजी की शादी में होने वाले अनोखे रिवाज से वाकिफ करवाना चाहते हैं। बता दें कि यहां लड़के को स्पर्म व्हेल का दांत लेकर आना होता है तब ही लड़की के घरवाले शादी के लिए राजी होते हैं।

सदियों से चली आ रही परंपरा

फिजी दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक छोटा सा द्वीप है और यह देश विभिन्न पारंपरिक रिवाजों और संस्कृतियों से भरा हुआ है। शादी में स्पर्म व्हेल मछली के दांत का उपयोग एक पुराने रिवाज है जो फिजी में अभी भी प्रचलित है। जिसके लिए लड़के को एक व्हेल मछली के दांत से बना हुआ हार (Whale teeth gift for marriage) देना होता है जो बोलोका (Boloka) नाम से जाना जाता है. इस हार को लड़कीवालों को भेंट करना होता है, जो इसे स्वीकार करते हुए शादी को स्वीकार करते हैं। यह हार फिजी में बड़े महत्व का प्रतीक है और शादी के रस्मों में एक अहम भूमिका निभाता है।

टाबुआ पाना है बेहद मुश्किल

फिजी में स्पर्म व्हेल के दांतों को टाबुआ कहा जाता है और इसे पवित्र माना जाता है। यह एक महत्वपूर्ण रिवाज है जो फिजी की संस्कृति और परंपराओं का हिस्सा है। टाबुआ गिफ्ट के बाद ही लड़की के घर वाले लड़की का हाथ लड़के हाथ में सौंपते हैं और इस प्रकार शादी का रस्म पूरी होती है। बता दें कि इसे पाना बेहद ही मुश्किल होता है और इसकी कीमत भी बहुत ज्यादा होती है। इसकी मूल्यवान गुणवत्ता, आकार और उम्र के आधार पर निर्धारित की जाती है। इसलिए इसकी कीमत मार्केट में अलग-अलग होती है और कभी-कभी एक किलो वजन के लिए लाखों रुपए तक का भाव भी हो सकता है।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना अलग-अलग जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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