अशोकनगर: सटोरिये के फार्महाउस पर कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक घमासान, ग्वालियर कमिश्नर मनोज खत्री पर दबाव के आरोप

अशोकनगर में कथित सटोरिये आजाद खान के फार्महाउस पर बुलडोजर कार्रवाई के बीच प्रशासनिक हलकों में टकराव की खबरें हैं। सूत्रों का दावा है कि ग्वालियर कमिश्नर ने कार्रवाई रोकने के लिए दबाव बनाया, वहीं मौके से आपत्तिजनक सामग्री मिलने की भी चर्चा है।
अशोकनगर: सटोरिये के फार्महाउस पर कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक घमासान, ग्वालियर कमिश्नर मनोज खत्री पर दबाव के आरोप

मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में एक अवैध फार्महाउस पर प्रशासनिक कार्रवाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान इस मुद्दे को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खासी हलचल मची हुई है। मामला केवल अवैध निर्माण हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब इसमें वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दबाव बनाए जाने के गंभीर आरोप भी सामने आ रहे हैं।

विवाद के केंद्र में कथित सटोरिये आजाद खान का फार्महाउस है। प्रशासन द्वारा इस अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की गई थी। हालांकि, सूत्रों के हवाले से जो खबरें आ रही हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं। दावा किया जा रहा है कि इस कार्रवाई को रोकने या प्रभावित करने के लिए उच्च स्तर से हस्तक्षेप किया गया।

ग्वालियर कमिश्नर पर गंभीर आरोप

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, फार्महाउस पर प्रस्तावित कार्रवाई के दौरान अधीनस्थ अधिकारियों पर भारी दबाव था। आरोप है कि ग्वालियर संभाग के कमिश्नर मनोज खत्री ने कार्रवाई को रोकने के लिए कथित तौर पर कई बार संपर्क किया। बताया जा रहा है कि इस दौरान लगातार फोन कॉल्स किए गए, जिससे मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। यह हस्तक्षेप अब चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर एक सटोरिये के अवैध निर्माण को बचाने के लिए इतनी दिलचस्पी क्यों दिखाई गई।

मौके से आपत्तिजनक सामग्री मिलने का दावा

इस पूरे घटनाक्रम में एक और पहलू जुड़ गया है जो बेहद संवेदनशील है। सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान फार्महाउस से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। अपुष्ट खबरों के मुताबिक, मौके से हजारों की संख्या में इस्तेमाल किए गए कंडोम मिले हैं। इसके अलावा, राजस्थान से युवतियों की तस्करी और अनैतिक गतिविधियों के संचालन से जुड़े सुराग मिलने की भी चर्चा है। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक इन बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक सूची या बयान जारी नहीं किया है।

कमिश्नर ने साधी चुप्पी

जब इन गंभीर आरोपों और प्रशासनिक हस्तक्षेप को लेकर ‘एमपी ब्रेकिंग न्यूज’ ने ग्वालियर कमिश्नर मनोज खत्री से संपर्क किया, तो उन्होंने किसी भी तरह की सफाई देने से साफ इनकार कर दिया।

“मैं इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।” — मनोज खत्री, कमिश्नर, ग्वालियर संभाग

फिलहाल, जिला प्रशासन इस पूरे मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामला जांच के दायरे में है। किसी भी नतीजे पर पहुंचने या आधिकारिक बयान देने से पहले सभी तथ्यों की बारीकी से पुष्टि की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि फार्महाउस में वास्तव में क्या गतिविधियां चल रही थीं और प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा डालने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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