कोटा से अशोकनगर पहुंचे छात्र, अब मजदूर भी जा सकेंगे अपने घर

कोटा से अशोकनगर पहुंचे छात्र, अब मजदूर भी जा सकेंगे अपने घर

अशोकनगर|हितेन्द्र बुधौलिया।

मध्य प्रदेश सरकार के प्रयास से एजुकेशन हब बन चुके राजस्थान के कोटा शहर से प्रदेश भर में विद्यार्थी वापस आ गये है।इनमें अशोकनगर में भी 47 छात्र आज आ गए हैं। जिनकी स्क्रीनिंग की गई है ।सभी स्वस्थ्य पाये गये है।साथ ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के प्रयास से जिले में फंसे मजदूरों को उनके घरों में भेजने की व्यवस्था बनाई गई है।

कोटा से आए बच्चों को अशोकनगर शहर से 5 किलोमीटर दूर एक निजी संस्थान में स्क्रीनिंग के लिए रोका गया। जहां सभी बच्चों की स्क्रीनिंग की गई ।सभी बच्चे स्वथ्य पाये गये जिसके बाद इन्हें घर जाने की अनुमति दे दी गई।बच्चे उनके पालको को होम कोरेण्टाइन के लिए समझाइश दी गई है।

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के गुना संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ के पी यादव एवं जिला अध्यक्ष उमेश रघुवंशी विशेष रूप से मौजूद रहे। इन नेताओं ने अशोकनगर जिले के छात्रों को वापस लाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने बताया कि न केवल कोटा में फंसे बच्चों को लाया गया है बल्कि अशोकनगर में फंसे मजदूरों को उनके घर वापस भेजने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन से बात कर ली गई है ।फसल काटने के लिए प्रदेश के दूसरे जिलों से आए मजदूर जो बीते एक माह से यहा फंसे हुए थे उनकी घर वापसी की राह निकाल ली गई है। जल्द ही अपने-अपने घरों को भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews