Astrology: ग्रहों का होता है “स्वाद” से संबंध, तीखा, खट्टा, मीठा भोजन भी डाल सकता कुंडली पर असर, यहाँ जानें

स्वाद और ग्रहों का खास कनेक्शन होता है। पसंदीदा स्वाद के जरिए व्यक्ति के कुंडली में ग्रहों की दशा का पता लगाया जा सकता है।
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Food Astrology, Taste And Planets Connection: स्वाद के कारण ही व्यक्ति को कोई डिश पसंद आती है। किसी को मीठा तो किसी तीखा पसंद आता है। आप क्या खाते हैं इसका असर आपकी कुंडली पर भी पड़ता है। नवग्रहों का न सिर्फ भोजन के रंग से बल्कि स्वाद से भी विशेष संबंध होता है। वैदिक ज्योतिष शस्त्र के अनुसार Taste का संबंध कुंडली के दूसरे भाव से होता है, जो जातकों के जुबान की स्थिति को दर्शाता है। आइए जानें ग्रह और स्वाद का क्या कनेक्शन होता है।

तीखा (Spicy)

तीखे का संबंध ग्रहों के सेनापति मंगल से होता है। मंगल को शक्ति, पराक्रम, शौर्य, साहस इत्यादि का कारक माना जाता है। स्पाइसी फूड खाने वाला व्यक्ति साहसी और बहादुर होता है।

मीठा (Sweet)

मीठे का कनेक्शन ग्रहों के राजा सूर्य और गुरु से होता है। इन दो ग्रहों के मजबूत होने पर व्यक्ति को मीठा खाना पसंद आता है। सूर्य को उच्च पद, पद-प्रतिष्ठा, सम्मान, सफलता इत्यादि का कारक माना जाता है। बृहस्पति धन, वैभव, ज्ञान, विवाह इत्यादि के कारक हैं।

कड़वा (Bitter)

कड़वा स्वाद भी सूर्य का होता है। सूर्य के कमजोर होने से व्यक्ति को कड़वा भोजन पसंद आने लगता है। ऐसे में रोजाना सूर्यदेव को अर्घ्य दें।

खट्टा (Sour)

शुक्र के प्रभाव से व्यक्ति को खट्टा स्वाद पसंद होता है। शुक्र को धन, संपत्ति, सौन्दर्य, प्रेम इत्यादि का कारक माना जाता है। चंचल मन वाले लोगों को खट्टा नहीं खाना चाहिए।

चटपटा

मिश्रित स्वाद का कनेक्शन ग्रहों के राजकुमार बुध से होता है। बुध के प्रभाव से ही लोगों को चटपटा भोजन पसंद आता है। बड़बोले व्यक्तियों को चटपटा खाना खाने से बचना चाहिए।

नमकीन (Salty)

नमकीन स्वाद का संबंध चंद्रमा से होता है। मानसिक तनाव से ग्रसित लोगों को नमकीन खाने से बचना चाहिए। चंद्रमा को मन, मनोबल, माता इत्यादि का कारक माना जाता है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो ग्रंथों, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
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