Astrology: मसालों से ग्रहों का होता है खास कनेक्शन, जीवन पर भी डालते हैं प्रभाव, जानकर आप हो जाएंगे हैरान

astrology planets and spices connection

Astrology, Planets And Spices Connection: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक सभी ग्रह मनुष्य से जीवन से जुड़े हैं। जीवन के विभिन्न घटनाओं में अहम भूमिका भी निभाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है ग्रहों और मसालों का खास संबंध होता है। मसालों का इस्तेमाल भी ग्रहों की दशा को प्रभावित करते हैं। जिसका सीधा असर व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। आइए जानें कौन-सा ग्रह किस मसाले से संबंधित है-

सूर्य

सूर्य ग्रहों के राजा हैं। इनका संबंध काली मिर्च, गुड़, सरसों, लाल मिर्च और जौ से होता है। इन मसालों का सही उपयोग कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत कर सकता है।

गुरु ग्रह

गुरु सौरमण्डल के सबसे बड़े ग्रह हैं। इस ग्रह का नाता हल्दी से होता है। हल्दी का दान करने और घर में इसका इस्तेमाल करने से गुरु मजबूत होते हैं।

चंद्रमा

चंद्रमा का कनेक्शन हिंग और इलायची से होता है। इन मसालों का सही इस्तेमाल मन शांति करने में मदद कर सकता है।

शनि ग्रह

शनि न्याय के देवता हैं। सभी को कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इस ग्रह का संबंदग काली मिर्च, तेल, लौंग, शहद, और काले तिल से होता है।

मंगल ग्रह

मंगल का नाता चीनी, लाल मिर्च, अदरक, मेथी और मूंगफली से होता है। घर में इन चीजों का इस्तेमाल करके आप कुंडली में मंगल की दशा सुधार सकते हैं।

बुध ग्रह

बुध ग्रह का संबंध घनिये से होता है। घनिये का इस्तेमाल बुधवार के दिन करें। ऐसा करने से लाभ होता है।

शुक्र ग्रह

दैत्यों के गुरु शुक्र का संबंध सौंफ, जीरा और नमक से होता है। कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत होने से धन-संपत्ति की कमी नहीं होती।

राहु और केतु

मायावी ग्रह केतु का नाता जायफल और तेजपत्ते से होता है। वहीं केतु का कनेक्शन कला नमक, अजवाइन, अमचूर और इमली से होता है। इन मसालों का इस्तेमाल करके राहु-केतु के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो ग्रंथों, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews