चंद्र ग्रहण खत्म होते ही करें ये 5 जरूरी काम, मिलेगी सुख-समृद्धि और शांति

साल का दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण 01:26 AM तक दिखाई देगा। इसके खत्म होते ही कुछ कार्यों को करना जरूरी होता है। ताकि अशुभ प्रभाव को दूर किया जा सके। आइए जानें क्या करें और क्या नहीं?
chandra grahan 2025

साल के दूसरे और आखिरी चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2025) की शुरुआत हो चुकी है। इसकी अवधि 3 घंटे 28 मिनट है। भूगोल और ज्योतिष शास्त्र में इसका विशेष महत्व है। इसे भारत समेत कई हिस्सों में देखा जा रहा है। भारत में इसका आरंभ रात 9:58 बजे से हो चुका है। मध्यरात्री 1:26 बजे तक यह दिखाई देगा। करीब 122 साल बाद पितृपक्ष में कुंभ राशि और पूर्वभाद्रपद नक्षत्र में पूर्ण ग्रहण लगा है। इससे पहले 2018 में पूर्ण चंद्र ग्रहण का संयोग बना था। 11 बजे बाद ब्लड मून दिखेगा। इसकी अवधि करीब 82 मिनट होगी।

हिन्दू धर्म में चंद्र ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है। इसका नकारात्मक प्रभाव लोगों पर पड़ता है। धार्मिक और मांगलिक कार्यों को नहीं किया जाता है। भोजन ग्रहण करना, सोना, दान, स्नान, पूजा, तप इत्यादि पर भी मनाही होती है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को संभलकर रहने को भी कहा जाता है। कुंडली पर भी इसका असर पड़ता है। भारत में ग्रहण से जुड़ी कई मान्यताएं और परम्पराएं हैं। जिसका पालन लाखों लोग करते हैं।

ग्रहण के बाद जरूर करें शुद्धिकरण 

ग्रहण के बाद कुछ कार्यों को करना बेहद जरूरी माना जाता है। ऐसा करने ग्रहण के अशुभ प्रभावों से छुटकारा मिलता है। जीवन में सुख और शांति बनी रहती है। ग्रहण समाप्त होते ही घर में गंगाजल छिड़काव कर शुद्धिकरण करें। स्नान का भी विशेष महत्व होता है। नहाने के पानी में गंगाजल भी मिला सकते हैं। ऐसे करने नकारात्मकता दूर होगी।

ये काम भी जरूरी 

  • ग्रहण समाप्त होने के बाद पूजास्थल की साफ-सफाई करें। घी का दीपक जलाएं। देवी-देवताओं की कृपा बरसेगी।
  • दान का भी विशेष महत्व होता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद यानि 8 सितंबर को वस्त्र, अन्न इत्यादि का दाम जरूरतमंदों के बीच करें। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलेगा। जीवन के कष्ट दूर होंगे।
  • चंद्र ग्रहण की समाप्ति तक महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना भी लाभकारी माना जाता है।

(अस्वीकरण: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है। यह अलग-अलग माध्यमों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग न्यूज इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।) 

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews