मकर संक्रांति का नाम आते ही मन में ठंड की धूप, तिल-गुड़ की मिठास और आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों की तस्वीर उभर आती है। लेकिन यह पर्व सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि दान, पुण्य और सूर्य उपासना का विशेष अवसर भी है। हर साल लाखों लोग इस दिन गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और दान-पुण्य करते हैं। मकर संक्रांति 2026 इसलिए भी खास है क्योंकि इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि की मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस समय किया गया दान कई गुना फल देता है। अगर दान राशि के अनुसार किया जाए, तो सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
Makar Sankranti 2026 का महत्व
मकर संक्रांति हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और वैज्ञानिक पर्वों में से एक मानी जाती है। इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं, यानी उत्तर दिशा की ओर अपनी यात्रा शुरू करते हैं। इसे देवताओं का दिन भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि उत्तरायण में किए गए शुभ कार्यों का फल जल्दी और स्थायी मिलता है। मकर संक्रांति 2026 में सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जो कर्म, अनुशासन और न्याय का प्रतीक मानी जाती है। यही वजह है कि इस दिन स्नान, दान और सूर्य पूजा का विशेष महत्व होता है। तिल, गुड़, खिचड़ी और गर्म वस्तुओं का दान ठंड के मौसम में जरूरतमंदों के लिए भी बहुत उपयोगी होता है।
मकर संक्रांति पर स्नान-दान की परंपरा
मकर संक्रांति के दिन गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी जैसी पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा बहुत पुरानी है। जो लोग नदी तक नहीं जा पाते, वे घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करते हैं। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित किया जाता है। दान का महत्व इस दिन सबसे अधिक माना गया है। तिल, गुड़, अन्न, वस्त्र और भोजन का दान करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। खास बात यह है कि मकर संक्रांति 2026 में राशि के अनुसार दान करने से ग्रह दोष भी शांत होते हैं।
राशि के अनुसार दान
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए मकर संक्रांति पर गुड़ का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। गुड़ का दान करने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है और मन से डर व नकारात्मकता दूर होती है। इससे काम में आ रही रुकावटें कम होती हैं और सफलता के नए रास्ते खुलते हैं।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों को मकर संक्रांति के दिन चावल का दान करना चाहिए। चावल का दान करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। यह दान परिवार में आपसी प्रेम बढ़ाने और धन से जुड़ी परेशानियों को कम करने में सहायक माना जाता है।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए मूंग की दाल की खिचड़ी का दान शुभ फल देता है। इस दान से मानसिक तनाव कम होता है और मन शांत रहता है। पढ़ाई, नौकरी या व्यापार से जुड़ी उलझनें धीरे-धीरे सुलझने लगती हैं और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों को मकर संक्रांति पर चावल, मिश्री और तिल का दान करना चाहिए। यह दान घर में शांति बनाए रखने में मदद करता है। पारिवारिक कलह कम होती है और भावनात्मक संतुलन बना रहता है। मानसिक सुख मिलने से जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए तिल, गुड़, गेहूं और सोने का दान विशेष शुभ माना गया है। इस दान से मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। कार्यक्षेत्र में पहचान बढ़ती है और समाज में सम्मान मिलता है। नेतृत्व क्षमता मजबूत होती है।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों को मूंग की दाल की खिचड़ी का दान करना चाहिए। यह दान स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों को कम करने में सहायक होता है। नौकरी और करियर में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और मेहनत का अच्छा फल मिलने लगता है।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए सफेद वस्त्र, चीनी और कंबल का दान शुभ माना गया है। इससे जीवन में संतुलन बना रहता है और मानसिक अशांति दूर होती है। रिश्तों में मधुरता आती है और आर्थिक व पारिवारिक जीवन में स्थिरता महसूस होती है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों को मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ का दान करना चाहिए। इस दान से लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने लगते हैं। जीवन में चल रही परेशानियों में धीरे-धीरे कमी आती है और आत्मबल मजबूत होता है।
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए केसर का दान बहुत फलदायी माना जाता है। यह दान भाग्य को मजबूत करता है और अच्छे अवसर दिलाने में मदद करता है। शिक्षा, करियर और यात्रा से जुड़े मामलों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों को मकर संक्रांति पर तेल और तिल का दान करना चाहिए। इससे शनि दोष में कमी आती है और जीवन की कठिनाइयाँ कम होती हैं। काम में स्थिरता आती है और मेहनत का फल धीरे-धीरे मिलने लगता है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों को गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराना चाहिए। इससे सामाजिक सम्मान बढ़ता है और लोगों का सहयोग मिलता है। यह दान मन को संतोष देता है और जीवन में सकारात्मक सोच को मजबूत करता है।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों को रेशमी कपड़ा, तिल, चने की दाल और चावल का दान करना चाहिए। इस दान से मानसिक शांति मिलती है और मन की उलझनें दूर होती हैं। भावनात्मक संतुलन बना रहता है और आत्मिक सुख की अनुभूति होती है।
मकर संक्रांति 2026: तिल-गुड़ और खिचड़ी का महत्व
मकर संक्रांति को कई जगह खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है। तिल और गुड़ से बने लड्डू ठंड में शरीर को गर्म रखते हैं और रिश्तों में मिठास घोलते हैं। खिचड़ी को सरल और सात्विक भोजन माना गया है, इसलिए इसका दान विशेष पुण्य देता है। गांव से लेकर शहर तक इस दिन सामूहिक खिचड़ी भोज और दान का आयोजन किया जाता है। यह पर्व समाज को जोड़ने का काम भी करता है।
मकर संक्रांति 2026 का आम लोगों के लिए क्या मतलब
मकर संक्रांति सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच और अच्छे कर्मों की शुरुआत का दिन है। राशि के अनुसार दान करने से जहां आध्यात्मिक लाभ मिलता है, वहीं जरूरतमंदों की मदद भी होती है। यह पर्व हमें सिखाता है कि खुशियां बांटने से ही बढ़ती हैं।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।





