Fri, Jan 9, 2026

नवपंचम राजयोग 2026 : 3 राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम, करियर-व्यापार में तरक्की के योग, भाग्य का मिलेगा साथ

Written by:Pooja Khodani
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Navpancham Rajyog : जनवरी 2026 में शुक्र व अरुण मिलकर नवपंचम राजयोग बनाने जा रहे हैं। यह राजयोग वृषभ, मकर और मिथुन राशि के जातकों के लिए लकी साबित होने सकता है। आइए जानते हैं राजयोग के बारे में विस्तार से...
नवपंचम राजयोग 2026 : 3 राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम, करियर-व्यापार में तरक्की के योग, भाग्य का मिलेगा साथ

ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को दैत्यों का गुरु कहा जाता है। शुक्र एक निश्चित समय अंतराल के बाद राशि परिवर्तन करते हैं। वर्तमान में सुख-समृद्धि, धन-वैभव और ऐश्वर्य के कारक कहे जाने वाले शुक्र धनु राशि (गुरु की राशि) में विराजमान है। 13 जनवरी 2026 को शुक्र मकर राशि (शनि की राशि) में गोचर करेंगे। वहीं यूरेनस वृषभ राशि (शुक्र की राशि) में विराजमान है। 15 जनवरी को शुक्र और यूरेनस एक-दूसरे से 120 डिग्री पर होंगे, जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा। इस राजयोग का सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेगा, लेकिन 3 राशियों के लिए यह बेहद शुभ रहने वाला है। आइए जानते हैं इन भाग्यशाली राशियों के बारे में……..

वृषभ राशि पर प्रभाव

  • परिवार और किस्मत का पूरा साथ मिल सकता है।
  • विदेश जाने के योग बनेंगे।
  • लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं।
  • करियर में नए अवसर मिल सकते हैं।
  • नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति के साथ वेतनवृद्धि का लाभ मिल सकता है।
  • वैवाहिक जीवन शानदार रहेगा।
  • आर्थिक स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

मकर राशि पर प्रभाव

  • नौकरीपेशा लोगों को नई नौकरी के लिए प्रस्ताव मिल सकते हैं।
  • संतान की ओर से कोई अच्छी खबर मिल सकती है।
  • अध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ने लगेगा। धार्मिक यात्राएं कर सकते हैं।
  • व्यापार के क्षेत्र में मुनाफा मिलने के प्रबल योग हैं। नया सौदा मिलने के योग हैं।
  • परिवार और जीवनसाथी का साथ मिलेगा।

मिथुन राशि पर प्रभाव

  • जीवन में कई तरह के सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
  • लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से निजात मिल सकती है।
  • कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं ।
  • सफलता और प्रगति के नए मार्ग खुलने की प्रबल संभावना है।
  • घर-परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है।
  • आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।

ऐसे बनता है कुंडली में नवपंचम राजयोग

  • ज्योतिष के मुताबिक, नवपंचम राजयोग तब बनता है जब दो ग्रह आपस में पंचम (5वां) और नवम (9वां) भाव या राशि में स्थित होते है। पंचम भाव बुद्धि, शिक्षा, रचनात्मकता और संतान से जुड़ा होता है या जब दो ग्रह एक दूसरे से त्रिकोण भाव में स्थित हो जाते हैं या दोनों ग्रहों के बीच 120 डिग्री का कोण बनता है तथा एक ही तत्व राशि होती है।
  • ज्योतिष के मुताबिक, मेष, सिंह व धनु को अग्नि राशि, वृषभ, कन्या तथा मकर को पृथ्वी राशि, मिथुन, तुला और कुंभ को वायु राशि और कर्क, वृश्चिक एवं मीन को जल राशि माना जाता है, ऐसे में जब एक ही तत्व वाली दो राशियों में 2 ग्रह पहुंचकर 120 डिग्री का कोण बनाते हैं, तो नवपंचम राजयोग बनता है।

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य वैदिक ज्योतिष मान्यताओं/पंचांग-आधारित गोचर गणना पर तैयार की गई है। व्यक्ति-विशेष पर परिणाम जन्मकुंडली, लग्न और दशा पर निर्भर करते हैं। MP Breaking News किसी भी भविष्यवाणी/दावे की गारंटी नहीं देता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)