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गोंदिया में बागेश्वर महाराज के मंच से एक परिवार ने की सनातन धर्म में वापसी, 18 साल बाद फिर अपनाया हिंदू धर्म

Written by:Shruty Kushwaha
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पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर धाम महाराज के मंच से एक परिवार के छह से अधिक सदस्यों ने सनातन हिंदू धर्म में घर वापसी की। परिवार ने बताया कि वर्ष 2006 में बच्चे की आंखों की कमजोरी के चलते उन्होंने ईसाई धर्म अपनाया था, लेकिन न तो स्वास्थ्य में सुधार हुआ और न ही मानसिक संतोष मिला। इसके बाद उन्होंने पुन: हिंदू धर्म अपनाने का फैसला लिया।
गोंदिया में बागेश्वर महाराज के मंच से एक परिवार ने की सनातन धर्म में वापसी, 18 साल बाद फिर अपनाया हिंदू धर्म

Bageshwar Dham Maharaj

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर महाराज ने गोंदिया जिले में एक परिवार के आधा दर्जन से अधिक सदस्यों की सनातन हिंदू धर्म में वापसी कराई। यह कार्यक्रम बागेश्वर महाराज के विशेष धार्मिक आयोजन के तहत संपन्न हुआ, जिसमें ग्राम छोटी, पोस्ट तुगुड़ी के निवासी शिवदास, शिमला, कन्हाभगत, संजय भगत, कुंवर अक्षय सहित कई सदस्यों ने पुनः सनातन धर्म को अपनाया।

हिंदू धर्म अपनाने वाले सदस्यों के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2006 में अपने छोटे बेटे की आँखों की रोशनी कमजोर होने की वजह से ईसाई धर्म अपना लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें ईसाई धर्म के अनुयायियों ने यह कहा था कि धर्म परिवर्तन से बच्चे की दृष्टि में सुधार आएगा। लेकिन उनके बेटे को कोई स्वास्थ्य लाभ नहीं हुआ और फिर उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ जिसके बाद उन्होंने फिर से हिंदू धर्म को अपना लिया है।

बागेश्वर महाराज ने कराई एक परिवार की सनातन धर्म में वापसी

गोंदिया जिले में बागेश्वर महाराज के कथा मंच पर आधे दर्जन से अधिक लोगों ने सनातन हिंदू धर्म घर वापसी की। यह कार्यक्रम बागेश्वर महाराज के विशेष धार्मिक आयोजन के तहत संपन्न हुआ। बागेश्वर महाराज ने सभी घर वापसी करने वालों को व्यास पीठ के पास खड़ा कर त्रिकुंडी चंदन लगाया, मंत्रोच्चारण किया और उनके गले में बागेश्वर बालाजी की पट्टिका पहनाई। महाराज ने कथा में देश भर के धर्मांतरित हिंदुओं से अपील की कि जिनके पूर्वज रामलाल, श्यामलाल जैसे नामों वाले थे, वे सनातन धर्म में लौट आएं।

बच्चे के स्वास्थ्य लाभ के लिए अपनाया था ईसाई धर्म

घर वापसी करने वाला परिवार गोंदिया जिले के ग्राम छोटी (पोस्ट तुगुड़ी) के निवासी हैं। इनमें शिवदास, शिमला, कन्हाई भगत, संजय भगत, कुंवर अक्षय सहित परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं। परिवार के एक सदस्य संजय भगत ने मंच पर अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2006 में उनके जन्म के समय बच्चे की आंखों की रोशनी कमजोर होने के कारण ईसाई मिशनरियों ने प्रलोभन दिया था कि धर्म परिवर्तन करने पर बच्चा स्वस्थ हो जाएगा और उसे पूरी दृष्टि मिल जाएगी।उन्होंने कहा, “उस प्रलोभन में आकर हमने परिवार सहित ईसाई धर्म अपना लिया, लेकिन न तो बच्चे को स्वास्थ्य मिला और न ही कोई संतोष। हमें लगा कि हमने गलती की है। पिछले एक साल से हम बागेश्वर महाराज को टीवी पर देख रहे थे, लेकिन सहयोग के अभाव में वापसी नहीं कर पा रहे थे। आज महाराज की कथा में आकर हमें यह सम्मानजनक अवसर मिला। हम अपनी भूल स्वीकार करते हैं और सपरिवार सनातन धर्म में लौट आए हैं। अब हम कभी किसी अन्य धर्म को नहीं अपनाएंगे और सदैव सनातन के प्रति निष्ठावान रहेंगे।” बता दें कि बागेश्वर महाराज की भागवत कथा महाराष्ट्र के आमगांव (गोंदिया जिला) में 7 जनवरी से 11 जनवरी तक चल रही है जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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