मकर संक्रांति के बाद ग्रहों के सेनापति मंगल और चंद्रमा मिलकर ‘महालक्ष्मी राजयोग’ बनाने जा रहे हैं। यह राजयोग मकर राशि में दोनों ग्रहों की युति (दृकपंचांग के अनुसार) से बनेगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, वर्तमान में साहस, शक्ति और ऊर्जा के कारक माने जाने वाले मंगल धनु राशि (गुरु की राशि) में विराजमान है। 16 जनवरी 2026 को मंगल अपनी उच्च राशि मकर में गोचर करेंगे। वहीं 18 जनवरी को मन व धन के कारक कहे जाने वाले चंद्रमा भी मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
इस दौरान मकर राशि (शनि की राशि) में मंगल व चंद्रमा की युति होगी और महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा। इस राजयोग से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है। यह राजयोग धन, वैभव, और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है। वैसे तो इसका सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा लेकिन 3 राशियों को विशेष फल प्रदान कर सकता है। आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में…
मेष राशि पर प्रभाव :
- करियर में नए अवसर मिल सकते हैं।
- समाज में मान-सम्मान में वृद्धि के योग बनेंगे।
- आय में वृद्धि होने की संभावना है।
- बेरोजगार लोगों को नौकरी मिलने के प्रबल योग हैं।
- साझेदारी में किए गए व्यापार से लाभ मिल सकता है।
- नया कार्य शुरू करने के लिए समय उत्तम रहने वाला है।
- मेडिकल, सेना, पुलिस और खेल के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है।
- मानसिक रूप से स्थिर महसूस करेंगे।
- स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिल सकता है।
धनु राशि पर प्रभाव:
- आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है।
- भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है।
- लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी।
- करियर में तरक्की के मौके आ सकते हैं।
- आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी।
- घर में सुख-शांति आएगी।
- संपत्ति से जुड़े मामलों के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनेंगी।
- इस अवधि में समय-समय पर आकस्मिक धन लाभ के योग बन सकते हैं।
तुला राशि पर प्रभाव:
- पुराने अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है।
- आर्थिक रुप से मजबूत हो सकते हैं।
- छात्रों के लिए समय अनुकूल रह सकता है।
- लंबे समय से चली आ रही चिंताएं दूर हो सकती हैं।
- व्यापार से जुड़े लोगों को मुनाफा मिल सकता है।
- साझेदारी के काम में सफलता हाथ लग सकती है।
- तीर्थयात्रा या धार्मिक यात्रा पर जाने का अवसर प्राप्त हो सकता है।
कब बनता है महालक्ष्मी राजयोग
वैदिक ज्योतिष में महालक्ष्मी राजयोग को सबसे शुभ माना जाता है। जब मंगल और चंद्रमा एक साथ शुभ भावों में हों तो यह राजयोग बनता है। मान्यता है कि मंगल और चंद्रमा की युति जब कुंडली में द्वितीय, नवम, दशम और एकादश भाव में हो रही हो तब अपार धन लाभ देता है। माना जाता है कि इस राजयोग के बनने से व्यक्ति पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है। जीवन में अपार सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। समाज में मान-सम्मान मिलता है।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य वैदिक ज्योतिष मान्यताओं/पंचांग-आधारित गोचर गणना पर तैयार की गई है। व्यक्ति-विशेष पर परिणाम जन्मकुंडली, लग्न और दशा पर निर्भर करते हैं। MP Breaking News किसी भी भविष्यवाणी/दावे की गारंटी नहीं देता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)





